Bulandshahr के इंस्पेक्टर ने अलीगढ़ के उद्यमी को बनाया बंधक, स्कॉर्पियो में डालकर बेरहमी से पीटा
Bulandshahr के इंस्पेक्टर ने अलीगढ़ के उद्यमी को बनाया बंधक, स्कॉर्पियो में डालकर बेरहमी से पीटा
अलीगढ़, 02 अक्टूबर: गोरखपुर जिले में मनीष गुप्ता हत्याकांड का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है। तो वहीं, बुलंदशहर सिटी कोतवाली में तैनात एक इंस्पेक्टर ने अलीगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में घुसकर उद्यमी अभिषेक तिवारी को 30 सितंबर की रात जबरन उठा लिया। इस दौरान अभिषेक के साथ मारपीट भी की गई और रिवाल्वर तानकर धमकाया भी गया। वहीं, जब यह मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो आरोपी इंस्पेक्टर उद्यमी को हरदुआगंज थाने के सामने छोड़कर भाग गया।

हालांकि, आईजी रेंज मेरठ प्रवीण कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपित इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। तो वहीं, इस मामले में अलीगढ़ जिले के हरदुआगंज थाने में इंस्पेक्टर समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अलीगढ़ पुलिस ने मामले में जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है। जांच शनिवार सुबह से शुरू कर दी गई है। यह मामला अलीगढ़ जिले के हरदुआगंज थाना क्षेत्र के तालानगरी का है। बता दें, पीड़ित अभिषेक तिवारी की तालानगर में नेहा फूड़ के नाम से फैक्ट्री है।
अभिषेक तिवारी ने हरदुआगंज पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि 30 सितंबर की देर शाम करीब 8 बजे मैं अपनी तालानगर स्थित फैक्ट्री पर बैठा हुआ था। उसी समय एक स्कॉर्पियो मेरी फैक्ट्री के गेट के सामने रूकी और उसमें से करीब 8 से 10 लोग उतरे और मुझे बाहर बुलाकर बुरी तरह से मारने-पीटने लगे। इस दौरान अभिषेक ने विरोध किया तो राजीव शर्मा नाम के व्यक्ति ने उन पर रिवाल्वर तान दी। साथ में आये बुलंदशहर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अजय यादव समेत अन्य लोगों ने उसके गुप्तांग पर लात मारते हुए गाडी में डाल लिया।
यह नजारा देख स्थानीय लोगों ने आनन फानन में तालानगरी पुलिस को सूचना दी। सूचना पर तालानगरी चौकी प्रभारी हरेंद्र ने सड़क पर बाइक लगाकर रोकने का प्रयास किया। लेकिन आरोपियों के साथ मौजूद अजय कुमार नामक व्यक्ति ने खुद को बुलंदशहर कोतवाली इंस्पेक्टर बताया और मुझे अगवा कर ले गए। आरोप है कि रास्ते में सभी लोगों ने मेरे साथ बुरी तरह से मारपीट की और मुझे वे मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए बुलंदशहर की तरफ ले गए। इस दौरान उन्होंने कुछ नहीं बताया कि वो मुझे क्यों लेकर जा रहे है।
वहीं, परिजनों ने आईजी मेरठ से बुलंदशहर पुलिस की इस कार्रवाई की बाबत पूछा। उन्होंने इस तरह की किसी कार्यवाही से इनकार किया। बाद में इंस्पेक्टर से उच्चाधिकारियों ने संपर्क किया। विभागीय मामले में स्वयं को फंसता देख और पुलिस के आला अधिकारीयों के फोन बजने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर स्कॉरपियों को कई घंटें बाद वापस हरदुआगंज थाने लाया और अभिषेक को फेंककर फरार हो गया। रात में करीब ढ़ाई बजे पीडित ने हरदुआगंज में तीन नामजद राजीव शर्मा, अमित अरोड़ा, अजय कुमार समेत आठ अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। वहीं आईजी के हस्तक्षेप के बाद बुलंदशहर के एसएसपी ने इंस्पेक्टर को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
अजय कुमार यादव बुलंदशहर कोतवाली में इंस्पेक्टर क्राइम के पद पर तैनात है। उसके खिलाफ धारा 147, 148, 323, 506, 364 में केस दर्ज किया गया है। वहीं, अतरौली के सीओ शिव प्रताप का कहना है कि बुलंदशहर पुलिस का इंस्पेक्टर बिना उच्चाधिकारियों को अवगत कराये व बिना लिखापढ़ी के अलीगढ में कारोबारी को उठाकर ले गया था। हरदुआगंज थाने में आरोपी इंस्पेक्टर समेत अन्य के खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।












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