Sadhvi Anadi Saraswati: कांग्रेस में आते ही साध्वी ने खूब की CM गहलोत की तारीफ, बताया-क्यों छोड़ी BJP?
Sadhvi Anadi Saraswati Congress: अजमेर की साध्वी अनादि सरस्वती ने भाजपा छोड़ कांग्रेस ज्वाइन कर ली। सीएम अशोक गहलोत ने साध्वी को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई।
Swami Anadi Saraswati kaun hai: राजनीति में पाला बदलते ही सुर भी बदल जाते हैं। इसका ताजा उदाहरण राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में स्वामी अनादि सरस्वती है, जिन्होंने गुरुवार को ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा है।
कांग्रेस ज्वाइन करते ही साध्वी ने सीएम अशोक गहलोत की जमकर तारीफ की और भाजपा पर निशाना साधा। इससे पहले सुबह सीएम गहलोत ने ही जयपुर में पीसीसी कार्यालय में साध्वी को कांग्रेस ज्वाइन करवाई थी।

सीएम गहलोत के लिए क्या बोलीं साध्वी?
साध्वी अनादि सरस्वती ने कहा कि सीएम गहलोत ने गायों के लिए बहुत काम किया। वो सबको धरातल पर दिख भी रहा है। धर्म की पहचान कर्म से होती है। इसके अलावा राजस्थान में निशुल्क दवा योजना मानव मात्र की सेवा है, जो गहलोत सरकार ने की। राजस्थान में मंदिरों का जीर्णोद्धार, पंडितों को वेतन देने का काम भी गहलोत सरकार के कार्यकाल में हुआ। गहलोत सरकार की विचारधारा से काफी प्रभावित होकर ही कांग्रेस में आई हैं।
भाजपा के लिए क्या बोलीं साध्वी?
साध्वी अनादि सरस्वती ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में पण्डितों का समय से वेतन तक नहीं मिला करता था। भाजपा से मैंने कुछ मांगा था। इसका मकसद था कि पीएम मोदी नारी शक्ति को आगे लाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 लेकर आए। दूसरी वजह ये थी कि अजमेर का बीस साल से विकास नहीं हुआ। भाजपा ने अपने कार्यकाल में भी नहीं किया और ठिकरा कांग्रेस के माथे फोड़ रहे हैं। हम कार्य करना चाहते, मगर आगे नहीं आने दिया जा रहा। इसलिए भाजपा से मोहभंग हुआ। खुद भाजपा जिन बातों पर राजनीति कर रही उनकों ही ध्यान में नहीं रख रही। हमने तो नहीं कहा था कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाओ।
कांग्रेस की टिकट पर क्या बोलीं साध्वी अनादि?
साध्वी अनादि सरस्वती ने कहा कि उन्होंने सनातन धर्म का चौला पहना है तो वे उसी के लिए कार्य करेंगीं। पार्टी चाहे कोई भी हो। रही बात टिकट की तो वे इस बारे में नहीं सोचती। ना ही टिकट को लेकर कोई चर्चा हुई है। आगे की रणनीति यह है कि जो सीएम गहलोत कर रहे हैं। उनका अधिक सहयोग करना है। गहलोत सरकार ने नंदीशाला, गोमाता के बीमा के लिए तीन हजार का फंड जारी किया है।
कौन हैं साध्वी अनादि सरस्वती?
बता दें कि 46 वर्षीय अनादि सरस्वती अजमेर की रहने वाली हैं। भाजपा छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद राजस्थान चुनाव 2023 में अजमेर उत्तर सीट से इनको कांग्रेस की टिकट मिलने की चर्चा होने लगी है। समाजशास्त्र से एमए की डिग्री प्राप्त कर रखी है। अनादि ने सात 2008 में साध्वी अनादि सरस्वती ने प्रेमानंद सरस्वती से महानिर्वाण अखाड़े की पवित्र परंपरा के अनुसार दीक्षा ली थी। इन्हें बेस्ट फीमेल संत ऑफ़ इंडिया का अवार्ड भी मिल चुका है।












Click it and Unblock the Notifications