Rajasthan: बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल केस की पूरी कहानी क्या है? छात्राओं को फंसाने का तरीका 1992 अजमेर कांड जैसा
Bijaynagar Rape-Blackmail Case Beawar Rajasthan: राजस्थान में अजमेर से अलग होकर नए जिले बने ब्यावर के बिजयनगर शहर में इन दिनों लोगों का खून खौल रहा है। वजह नाबालिग बच्चियों के साथ कथित रेप व उन्हें ब्लैकमेल करने का मामला है। बात यहां तक बढ़ गई है कि 1 मार्च 2025 को सकल हिंदू समाज की ओर से अजमेर बंद का आह्वान किया गया है।
राजस्थान के बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल केस ने साल 1992 में अजमेर में हुए ब्लात्कार कांड की यादें ताजा कर दीं। अजमेर कांड में करीब सौ से ज्यादा स्कूल-कॉलेज की लड़कियां गैंगरेप व अश्लील फोटो के नाम पर ब्लैकमेलिंग का शिकार हुई थीं। कोर्ट में तब से यह मामला चल रहा था। अगस्त 2024 में ही छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल केस व सनसनीखेज अजमेर सेक्स स्कैंडल की कहानी मिलती-जुलती है। दोनों में छात्राओं का टारगेट किया गया। एक छात्रा को फंसाने के बाद उसकी सहपाठी तक पहुंचा गया। आइए जानते हैं आखिर बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल केस की पूरी कहानी क्या है?
मोबाइल से सामने आया बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल केस
ब्यावर जिले के बिजयनगर शहर के प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा के पास परिजनों को मोबाइल फोन मिला। परिजनों ने उसे मोबाइल फोन लाकर ही नहीं दिया था। फिर उसने पास फोन कहां से आया? बस इसी सवाल के जवाब ने बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड सबके सामने ला दिया।
फोन पर भी धमकी देने लगा आरोपी युवक
मीडिया से बातचीत में बच्ची के परिजनों ने बताया कि बेटी के पास मोबाइल फोन मिलने पर पता चला कि वह फोन उसे किसी युवक ने दिलाया था, जो उससे बात करता था। उसी फोन से परिजनों ने आरोपी युवक को फोन लगाया तो वह लड़की को कॉल पर ही गालियां निकालने लगा। जान से मारने की धमकी देने लगा।
फिर कई बच्चियों के आए सामने
मोबाइल मिलने के बाद नाबालिग लड़की की ओर से 15 फरवरी 2025 को बिजयनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। देखते-देखते ही ऐसे चार मामले और सामने आ गए। सभी में स्कूल की नाबालिग छात्राएं रेप व ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रही थीं। आरोपी इन नाबालिगों को अश्लील फोटो-बनाकर इन्हें होटलों में मिलने के लिए ब्लैकमेल कर रहे थे। पुलिस ने पॉकसो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मीडिया से बातचीत में बिजयनगर एसएचओ करण सिंह ने बताया कि शिकायत में मोबाइल देकर देह शोषण की बात सामने आई है। पीड़ित बच्चियों के स्कूल आने-जाने का रास्ता आरोपियों के मोहल्ले से गुजरता है, जिसका ये फायदा उठाकर इन्हें रास्ते में ही रोक लिया करते थे।
बिजयनगर पुलिस ने इस रेप-ब्लैकमेल कांड में ताजा गिरफ्तारी गुरुवार रात को फरार चल रहे एक कैसे संचालक की कर्नाटक से हुई है। बिजयनगर पुलिस उसे कर्नाटक से राजस्थान ला रही है। पूरे कांड में अब तक कुल 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इनमें तीन आरोपी नाबालिग हैं। 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवाया जा चुका है जबकि पूर्व पार्षद पांच दिन के पुलिस रिमांड पर है।
बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड के आरोपी
- पूर्व पार्षद हकीम कुरैशी
- कैफे संचालक श्रवण
- आशिक करीब
- जावेद
- लुकमान
- सोहेब
- सोहेल मंसूरी
- रिहान मोहम्मद
- अफराज
आरोपियों को फांसी देने की मांग
कई बच्चियों के परिजनों ने आरोपियों पर रास्ता रोककर उन्हें होटल में चलने के साथ-साथ धर्म परिवर्तन, कलमा पढ़ने और रोज़ा रखने के लिए मजबूर करते थे। मामला सामने के बाद से लोग इनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। एक मार्च को अजमेर बंद के दौरान हिंदूवादी संगठन गांधी भवन पर एकत्रित होंगे। यहां से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को सीबीआई जांच के लिए ज्ञापन सौंपेंगे।
यह भी पढ़ें- अब फिल्म Ajmer-92 पर विवाद, जानिए अजमेर में 100 से ज्यादा लड़कियों के साथ 1992 में क्या दरिंदगी हुई?












Click it and Unblock the Notifications