गुजरात में बोले मोदी- पुरुष सरपंचों से ज्यादा महिला सरपंच होती है काम के प्रति समर्पित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में स्वच्छ शक्ति 2017 को संबोधित किया। इस दौरान महिला सरपंचो को सम्मानित किया गया।
गांधीनगर। साल 2019 में महात्मा गांधी की 150 वीं जयती है। उन्होंने हमेशा कहा कि भारत गांवों में बसता है। उन्होंने यह भी कहा था कि स्वच्छता, राजनीतिक स्वतंत्रता से ज्यादा जरूरी है। आप यह सोच सकते हैं कि वो किस तरह से स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध थे।

यह बातें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में स्वच्छ शक्ति 2017 के अंतर्गत महिला सरपंचों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
मोदी ने कहा कि आज हम उन सरपंचों का सम्मान कर रहे हैं जिन्होंने भारत को स्वच्छ बनाने के लिए बेहद योगदान दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति विकसित हुई गति को बनाए रखने की जरूरत है और इस गति का दीर्घकाल में काफी प्रभाव पड़ेगा।
मोदी ने कहा कि आज हम जिन महिलाओं का सम्मान कर रहे हैं उन्होंने कई मिथकों को तोड़ा है। उन्होंने दिखाया है कि भारत के गावों में कैसे सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है।
मोदी ने कहा कि मैं जब इन महिला सरपंचों से मुलाकात करता हूं तो मैं सकारात्मक बदलाव का दृढ़ निश्चय देखता हूं। ये गुणवत्ता परक बदलाव लाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के इस मंत्र से बड़ा बदलाव आएगा। महिला भ्रूण हत्या को किसी भी तरह से अनुमति नहीं दी जा सकती। महिला सरपंच स्त्री भ्रूण हत्या को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
मोदी ने कहा कि भेदभावपूर्ण मानसिकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम देख रहे हैं कि तरह से बोर्ड परीक्षाओं समेत अन्य क्षेत्रों में लड़कियां अपना झंडा बुलंद कर रही हैं। लड़का और लड़की दोनों को समान शिक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरपंच होना छोटी बात नहीं है और पुरुष सरपंचों से ज्यादा महिला सरपंच अपने काम के प्रति ज्यादा समर्पित रहती हैं।
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