मुस्लिम शिक्षक की अनूठी पहल, रिर्टायरमेंट के पैसे से बनवाई सरस्वती की मंदिर

अहमदाबाद। देश में कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए धर्म के आधार पर लोगों को बांटते हैं तो कुछ लोग ऐसे भी है जो धर्म को किनारे रखकर भाईचारे का पाठ पढ़ाने में कामयाब होते हैं। ऐसी ही एक मिशल पेश की है। गुजरात के रिटार्यर शिक्षक अब्दुल चाचा ने।

goddess saraswati

बच्चे उन्हें प्यार से अब्दुल चाचा बुलाते हैं। लेकिन उनका असली नाम अब्दुल वोरा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अहमदाबाद के नादियाड में एक गांव है मारिदा में वो शिक्षक थे, लेकिन अब रिटार्यर हो चुके हैं। मुस्लिम समुदाय से होते हुए भी अब्दुल ने गांव के स्कूल में एक सरस्वती मंदिर का निर्माण कराया। अब बचत की कमाई से अब्दुल चाचा ने स्कूल में देवी सरस्वती की मंदिर बनवाई।

OMG! हुई भूत की शादी, बारात में पहुंचें सैकड़ों लोग

उन्होंने बताया कि मैं शिक्षक पहले हूं और सबकुछ बाद में। मेरे लिए ये बच्चे ही मेरी प्रेरणा हैं और उनके लिए सरस्वती माता प्रेरणा हैं। अब्दुल पिछले करीब 3 दशकों से एक हिंदू बहुल गांव में शिक्षक के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने मंदिर निर्माण में अपनी ज्यादातर जमा-पूंजी खर्च कर दी।

भूख लगने पर खाया जा सकता है पत्नी का मांस!

अब्दुल चाचा ने न केवल मंदिर बनाई बल्कि वो बच्चों को ये भी सिखाते हैं कि आखिर मंदिर में पूजा कैसे की जाती है। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण का प्रोजेक्ट पर गांव के ही अब्दुल साहेब ने पहले समर्थन का हाथ बढ़ाया। उसके बाद दूसरे हमसे जुड़े। उन्होंने बताया कि जब वो पीटीसी कॉलेज की ट्रेनिंग ले रहे थे उसी समय से सरस्वती मंदिर को लेकर प्रभावित थे। उन्होंने बताया कि मैं हमेशा ये चाहता था कि मैं अपने गांव ऐसा एक मंदिर जरूर बनाऊंगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+