गुजरात शराबकांड में 57 मौतें: अब बड़ी कार्रवाई- DySP, इंस्पेक्टर समेत 8 ऑफिसर सस्पेंड; SP का तबादला
अहमदाबाद। गुजरात में जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 57 पहुंच गया है। अभी भी 97 लोगों का अहमदाबाद, भावनगर और बोटाद के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जिनमें भी करीब 10 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, इस शराबकांड में राज्य सरकार ने अब बड़ी कार्रवाई कराई है। इस मामले में DySP, इंस्पेक्टर समेत 8 ऑफिसर सस्पेंड किए गए हैं। वहीं, बोटाद के एसपी करनराज वाघेला का तबादला कर दिया गया है। वहीं, जहरीली शराब बनाने वाली फैक्ट्री चलाने वाला भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

154 लोगों ने पी थी जहरीली शराब
गुजरात में शराबबंदी लागू है, इसका मतलब यह है कि यहां पर खुलेआम शराब बेचना व पीना गैरकानूनी है। कोई भी बिना लाइसेंस के शराब नहीं बेच सकता। मगर, इस कानून की धज्जियां उड़ती रही हैं। बोटाद का मामला कुछ ऐसा ही है, जहां एक फैक्ट्री में मीथेनॉल जैसे खतरनाक रसायन से सस्ती शराब तैयार की जाती थी। वह शराब जहर बन चुकी थी। जिन लोगों ने उसका सेवन किया, उनकी हालत बिगड़ गई। अब तक की जांच से यह साफ हो चुका है कि उस शराब को सैकड़ों लोगों ने पिया था। बोटाद में मृतकों और उपचारधीन मरीजों की संख्या मिलाएं तो पता चलता है कि 154 लोगों ने जहरीली शराब पी थी। जिनमें से अब भी 10 की हालत गंभीर है।

पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई कि उस शराब के पाउच केवल 20-20 रुपए में बेचे गए थे। राजू नाम के बुटलेगर ने अहमदाबाद की फैक्ट्री से 600 लीटर मेथिकल केमिकल चुराया था। इसके बाद यही केमिकल रोजिद, देवगणा और नभोई गांव के बुटलेगर्स को सप्लाई किया था। इसके बाद बुटलेगर्स ने मीथेनॉल अथवा मिथाइल अल्कोहल नाम के इस केमिकल में पानी मिलाकर प्रति पाउच 20 रुपए में बेचा था, जिन लोगों ने उसे पिया उन सबकी जान पर बन आई।












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