अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 500 करोड़ के सोने की हेराफेरी करने वाला रैकेट धरा, ये है दुबई कनेक्शन
गांधीनगर। गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सोने की हेराफेरी करने वाला रैकेट पकड़ा गया है। कस्टम डिपार्टमेंट के मुताबिक, यहाँ से इस रैकेट को 500 करोड़ रुपये की कीमत के सोने की तस्करी का अनुमान है। कुछ दिनों पहले ही ग्राउंड स्टाफ में काम करने वाले पर्यवेक्षक को 24.500 किलोग्राम सोने के बिस्कुट के साथ डीआरआई ने पकड़ा था। जिसकी कीमत 8.50 करोड़ रुपए थ। अब आरोपितों से मास्टरमाइंड पर्यवेक्षक की पूछताछ की जा रही है। पता चला है कि उसने पहले बड़ी मात्रा के साथ सोने की हेराफेरी की है, जिनके साथ एयरपोर्ट के कुछ कर्मचारी भी शामिल होने की शंका जताई जा रही है।

सोने के बिस्किट के साथ आया, पकड़ा गया
बता दें कि अहमदाबाद हवाई अड्डे की अंतर्राष्ट्रीय उड़ान हैंडलिंग, ग्लोब ग्राउंड इंडिया (जीजीआई) के पास स्थित है। एक कर्मचारी जिग्नेश सांवलिया, पर्यवेक्षक के रूप में वहाँ काम करता है। कुछ दिनों पहले दुबई से उड़ान भरने के बाद एक हवाई जहाज़ अहमदाबाद आया था। जिसमें एक कैरियर लोकेश शर्मा 24.500 किलो सोने के बिस्किट के साथ आया था। उस समय पर्यवेक्षक ने यात्री से एयरोब्रिज से सोने की सील पैकेट लिया था, जहां डीआरआई ने तेज गति से चलने वाली एक भव्य सोने की अदला-बदली का भंडाफोड़ किया।

10 से 15 किलो और कभी-कभी 24 किलो सोना लाया जाता था
सोने की मात्रा देखने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और गहन पूछताछ की। यह पाया गया कि बड़ी चतुराई से कार्गो की तरफ से सोना बाहर निकल रहा था। यह कर्मचारी चार वर्षों से हवाई अड्डे से GGI नाम की कंपनी में काम कर रहा था, और वह सप्ताह में दो यात्राएं करता था, एक यात्रा में 10 से 15 किलो और कभी-कभी 24 किलो सोना लाता था।

मोबाइल नंबर की डिटेल भी चेक की जा रही
इस नेटवर्क में कुछ यात्री दुबई से सोने का निमंत्रण दे रहे थे जो अपने नेटवर्क के प्रति वफादार थे, और उन्हें उच्च कमीशन दिया गया था। किसी को शक न हो इसके लिए बार-बार उड़ने वालों को सोने की तस्करी में इस्तेमाल नहीं किया जाता था। सीमा शुल्क ने अनुमान लगाया है कि पर्यवेक्षक को इस मजबूत चैनल से सबसे अधिक फ़ायदा हो रहा है। 500 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी में किसी एक या दो लोगों का हाथ नहीं है। डीआरआई अधिकारियों ने दुबई में काम करने वाले सभी कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की। उनके मोबाइल नंबर की डिटेल भी चेक की जा रही है।

सवाल उठा कि दुबई से सोना बेचने वाले कौन हैं?
डीआरआई ने पर्यवेक्षक के परिवार के सदस्यों को भी जाँच में शामिल किया है। उनके पासपोर्ट इमिग्रेशन विभाग को दिये है। कही परिवार के सदस्य भी इस हेराफेरी में शामिल तो नहीं है उसकी भी जाँच चल रही है। इस केस में यह भी जांच शुरू की गई है कि दुबई से सोना बेचने वाले कौन हैं।

इस तरह कराते थे सोने की निकासी
अधिकारियों ने यह भी संदेह व्यक्त किया कि कार्गो में सोने को लाने का दिमाग इतना सफल था कि कार्गो के साथ अन्य चीजों की निकासी और दस्तावेजों के साथ सोने की व्यवस्था की गई थी और फिर सोने को इसमें से बाहर निकाल दिया जाता था।












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