डेंगू-मलेरिया को काबू करने के सरकारी दावे फेल, वडोदरा में 5 मरे, अहमदाबाद में मरीज 454 हुए
अहमदाबाद। गुजरात में डेंगू-मलेरिया के प्रकोप के चलते कोहराम मचा हुआ है। यहां सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में डेंगू के मरीजों की संख्या 454 तक पहुंच गई है। बीते हफ्तेभर में ही वडोदरा में 5 लोगों की जान चली गई। राज्यभर में सैकड़ों की तादाद में लोग इन्हीं बीमारियों के चलते अस्पतालों में भर्ती हैं। पिछले साल के नवंबर महीने की बात करें तो अहमदाबाद में 332 मरीज पाए गए थे, लेकिन इस साल के शुरूआती सप्ताह में डेंगू के मरीजों की संख्या 290 थी। इस तरह यह साबित होता है कि प्रशासन बीमारी को फैलने से रोकने में अक्षम रहा।

संवाददाता के अनुसार, दो सप्ताह में अहमदाबाद के अस्पतालों से 2746 सिरम सेंपल लिए गए, जिसमें पोजिटिव मरीजों की संख्या 454 हो गई। साथ ही मच्छरजनित रोग मलेरिया के 152, चिकनगुनिया के 19 और फाल्सीफेरम के 21 मरीजों की पुष्टि हुई है। वडोदरा में कारोलीबाग क्षेत्र में रहने वाले 33 वर्षीय दीपेश शाह नामक युवक की डेंगू की वजह से जान चली गई। साथ ही तरसाली क्षेत्र में भी एक युवक-युवती की मौत हो चुकी है। वहीं, दीपेश नामक शख्स सउदी अरब में इंजीनियर था और यहां छुट्टियां बिताने पत्नी और बच्चों के साथ आया था। उसकी भी अचानक मौत से परिजनों में मातम फैल गया है।
महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छरों की पैदावार रोकने के लिए गत जून माह में शहर की कंस्ट्रेक्शन साइट, अस्पताल, होटल, शैक्षणिक व कॉंमर्शियल संस्थाओं में मच्छरों की जांच शुरू की गई। इसके बाद से अब तक 211 इकाइयों को सील किया कर दिया गया है। इनमें से ज्यादातर इकाइयां ऐसी पाई गई जो मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने में ठोस कदम नहीं उठा रहीं थीं। इस संबंध में सैकड़ों इकाइयों को नोटिस दिए गए हैं।












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