आगरा: SN मेडिकल कॉलेज में बेटे की बांहों में तड़पती मर गई मां, किसी ने एक ना सुनी
आगरा। कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के बीच उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आप भी विचलित हो जाएंगे। दरअसल, आगरा जिले के एक अस्पताल में एक शख्स बिस्तर पर लेटी अपनी 'मृतपाय' मां में जान फूंकने की कोशिश कर रहा है साथ ही मदद के लिए डॉक्टरों को पुकार रहा है। लेकिन डॉक्टरों के न पहुंचने पर शख्स की 61 वर्षीय मां की मौत हो गई। वहीं, दूसरा मामला भी आगरा जिले का है। यहां एक शख्स ने अपने पिता को लेकर 6 हॉस्पिटल के चक्कर काटे, लेकिन कोरोना के कारण किसी भी हॉस्पिटल ने उन्हें भर्ती नहीं किया। इस व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके बावजूद मरीज को कही भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला और इलाज में देरी के कारण बेटे के सामने ही पिता ने दम तोड़ दिया।

तीन वर्षों से सांस की बीमारी से जूझ रही थीं ममता शर्मा
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो मोहित नाम के शख्स का है। मोहित अपनी मां ममता शर्मा को सोमवार (27 अप्रैल) की सुबह शहर के सरोजिनी नायडू अस्पताल लेकर गया था। ममता शर्मा पिछले तीन वर्षों से सांस की बीमारी से जूझ रही थीं। रविवार की रात, उनकी हालत खराब हो गई और बेटे मोहित ने मां को नजदीक के अस्पताल ले जाने का फैसला किया। मोहित ने बताया कि मेरी परिचित एक डॉक्टर ने कहा कि कोई भी अस्पताल कोरोना वायरस टेस्ट के बगैर पेशेंट को भर्ती नहीं कर रहा। मोहित ने बताया, "मैं उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में ले गया। यहां उपस्तिथ एक डॉक्टर ने मुझसे पूछा कि समस्या क्या है और मुझे दूसरे कमरे में भेज दिया।

कोविड-19 से नहीं था कोई लेना देना
मोहित ने बताया कि दूसरे डॉक्टर से मिला। डॉक्टर को बताया कि मेरी मां की इस हालत का कोविड-19 से कोई लेना-देना नहीं है। वे तीन साल से सांस लेने में परेशानी का सामना कर रही हैं। इसपर डॉक्टर ने मुझे कागजी औपचारिकता पूरी करने को कहा जो मैंने की। फिर मुझे पहली मंजिल पर एक वार्ड में ले जाने के लिए कहा गया। मुझे बाद में पता चला कि यह एक आइसोलेशन वॉर्ड है। मोहित ने अस्पताल में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ पर उसकी मां की इलाज को लेकर उदासीन होने का आरोप लगाया। मोहित के अनुसार, उसकी मां को सांस लेने में परेशानी (यह भी कोरोना वायरस का एक लक्षण) है के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हॉस्पिटल स्टॉफ उनके नजदीक आने से भी हिचक रहा था।

सीपीआर के जरिये पुनर्जीवित करने की कोशिश
सोशल मीडिया पर वायरस हो रहे वीडियो में मोहित अपनी मां को सीपीआर (CPR) के जरिये पुनर्जीवित करने की कोशिश करते हुए यह आवाज लगाते हुए सुना जा सकता है, "बुला दो, फोन कर दो।" मोहित ने बताया कि इसके कुछ देर बाद सुबह 10:30 बजे मां की मृत्यु हो गई। वह एक अन्य वीडियो में मोहित ने रात के अपने कड़वे अनुभव के बारे में बताया। उसने दावा किया कि ''कोई भी उन्हें (मां को) छूना नहीं चाहता था। वार्ड तक के के मेरे रास्ते में, डॉक्टरों ने कहा कि वार्ड में सिलेंडर और नेबुलाइज़र हैं और मुझे उनका उपयोग करना चाहिए, लेकिन मुझे यह पता नहीं था कि उनका उपयोग कैसे करना है। मुझे बार-बार वॉर्ड बॉय और गेट के बाहर खड़े गार्डस से संपर्क करना पड़ा। उन्होंने मुझे यह बताया कि इन उपकरणों को कैसे संचालित करना है लेकिन उन्होंने मेरी मां के पास जाने से मना कर दिया, मोहित शर्मा ने बताया कि वह सोमवार सुबह ग्राउंड फ्लोर पर डॉक्टरों के कमरे में तीन बार गए लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला।

क्या कहा अधिकारियों ने
इस बीच, मामले पर उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इस बात जांच के आदेश दिए हैं कि क्या महिला को इलाज से वंचित रखा गया? "कोरोना वायरस मामलों की देखरेख के लिए हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नियुक्त वरिष्ठ नौकरशाह आलोक कुमार ने कहा, 'मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि जिन लोगों को COVID-19 के अलावा अन्य स्थितियों में इलाज करवाना है, उन्हें अस्पताल में प्रवेश मिलना चाहिए। कुछ स्थानीय अखबारों ने एक महिला की मौत की खबर छापी है। मैंने इस बात की जांच का आदेश दिया है कि मरीज का इलाज किया गया था या नहीं।"
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