रमजान 2019: यहां चर्च के पानी से होता है वजू, हिंदू बिछाते हैं फर्श तब होती है नमाज
Agra news, आगरा। ताजनगरी आगरा को मोहब्बत की नगरी यूं हीं नहीं कहा जाता है। यहां प्रेम और सौहार्द लोगों की रगों में ऐसे दौड़ता है कि धर्म और जाति की बंदिशें यहां खत्म होती दिखाई देती हैं। सर्व धर्म सम्भाव के तमाम उदाहरण यहां की गली-गली में देखने को मिल जाएंगे। रमजान पर हम आपको एक ऐसी ही मिसाल के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां अगर हिंदू, सिख और ईसाई मिलकर मुस्लिम भाइयों की नमाज के लिए व्यवस्थाएं करते हैं।

सभी धर्मों के सम्भाव वाली नमाज
यहां नमाज से पहले वजू करने के लिए जहां ईसाई समाज द्वारा चर्च के अंदर पानी की व्यवस्था की जाती है तो वहीं हिंदू और सिख भाई अपने मुस्लिम साथियों की नमाज के लिए समय से पहले अपनी दुकानें बंद करते हैं और फिर सड़क की सफाई में हाथ बंटा कर दरी का फर्श बिछाते हैं। यह सभी धर्मों के सम्भाव वाली नमाज होती है। आगरा के गुड़ की मंडी स्थित इमली वाली मस्जिद की, यहां मुस्लिम बाहुल्यता नहीं है और यह क्षेत्र शहर की मुख्य और व्यस्ततम बाजारों में से एक है। यहां मौलवियों द्वारा पांच दिन में पूरी कुरान पढ़ाई जाती है।

भारी तादाद में आते हैं मुस्लिम समाज के लोग
इसी कारण आजादी के समय से यहां हर रमजान के महीने में तराबी पढ़ने के लिए मुस्लिम समाज के लोग भारी तादाद में आते हैं। सालों से यहां हर रमजान हिंदू समाज के दुकानदार खुद अपनी दुकानें बंदकर नमाज की तैयारियां करवाते हैं और सेंट जोन्स चर्च के प्रांगड़ में ईसाई समाज के द्वारा पानी की व्यवस्था की जाती है, ताकि नमाज पढ़ने आए नमाजी नमाज से पूर्व की वजू की प्रक्रिया को चर्च परिसर में कर सकें।

सालों से चली आ रही रस्म
मस्जिद के मुतावल्ली सलीम के मुताबिक, सालों से यह सुलहकुल की रस्म चली आ रही है और यह शहर की खास बात है। मुस्लिम समाज के शमी अघाई के अनुसार, यह सभी धर्मों का प्यार है और इसके साथ ही वो सभी को रमजान की मुबारकबाद देते हैं।












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