दिल्ली में कमरा लेकर की पढ़ाई और अफसर बन गया आगरा का छोरा, शादी में दहेज नहीं, लेगा शगुन का 1 रुपया
दिल्ली में कमरा लेकर की पढ़ाई और अफसर बन गया आगरा का छोरा, शादी में दहेज नहीं, लेगा शगुन का 1 रुपया, फेरे वोटिंग वाले दिन
आगरा। ताजनगरी आगरा के एक शिक्षक का बेटा जी-तोड़ मेहनत व पढ़ाई से क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर) बन गया। अब उसकी शादी हो रही है, बिना दहेज के, महज 1 रुपए के शगुन में। उसका कहना है कि, "दुल्हन ही दहेज होती है..और जो शगुन का एक रुपया मिल रहा है, लगता है कि वो रुपया भी लेना पाप है, उस इंसान से जो तुम्हें अपनी दुनिया दे रहा हो।"

शिक्षक के बेटा रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर
यहां बात हो रही है- अछनेरा में अरदाया के रहने वाले भूपेंद्र चौधरी की। जो अब सोशल मीडिया पर जमकर सराहे जा रहे हैं। Oneindia.com से बात-चीत में उन्होंने कहा कि, वेस्ट यूपी में वोटिंग वाले दिन मेरी शादी है। 10 जनवरी को 7 फेरे होंगे। अपनी जो लाइफ पार्टनर होंगी, वे अछनेरा के कचौरा गांव से हैं- पूजा चौधरी। 7 महीने पहले यह रिश्ता स्वजनों ने तय ही कराया।

दहेज वाले रिश्तों को ठुकराया
एक परिजन ने कहा, ''जब भूपेंद्र का वन अधिकारी के रूप में चयन हुआ तो फेसबुक पर उन्हें जानने वाले दिलचस्पी लेने लगे। वहीं, उनके घर पर उनकी शादी के लिए रिश्ते आने शुरू हो गए। बहुत से ऐसे लोग आए, जिन्होंने शादी करने के लिए लाखों का दहेज देने की बात कही। मगर...भूपेंद्र और उसके पेरेंट्स दहेज के खिलाफ रहे। यहां तक कि, उन्होंने अपने लिए आने वाले एक करोड़ तक के दहेज वाले रिश्तों को भी ठुकरा दिया।

पिता ने यूं तय कराई बेटे की शादी
भूपेंद्र के पिता मोहन सिंह ने अछनेरा के ही गांव कचोरा की मेधावी युवती को बेटे की जीवनसंगिनी बनाने का फैसला किया। उन्होंने युवती के परिवार से कहा- दहेज नहीं चलेगा....आप अपनी दुनिया हमें दे रहे हैं। तब एक रुपए में शादी की बात आई। यह एक रुपया भी उन्होंने युवती के परिजनों के आग्रह करने पर बतौर शगुन लिया। अब भूपेंद्र और उनकी दुल्हन कल शादी के मंडप में होंगे।

यह बोलीं भूपेंद्र की मां लक्ष्मी
भूपेंद्र की मां लक्ष्मी ने कहा कि, ''मुझे बेटे पर गर्व है। वह बहुत पढ़ाई करता था। अफसर बनने की काबिलियत उसमें थी, जो अपनी मेहनत से उसने हासिल किया। उसके पिता और भाई मास्टर हैं, पिता रिटायर हो चुके हैं और भाई अभी पढ़ाते हैं।' 1 रुपए में शादी पर बोलते हुए मां ने कहा- मैंने कह दिया था कि बेटे का ब्याह एक रुपए से ही करूंगी। सुसंस्कारी बहू घर चाहिए, जो अब आ रही है। उन्होंने बेटे के बारे में कहा कि, बचपन से ही उन्हें आदर्श रास्ते पर चलने की सीख दी।'

पहले वोट डालेंगे, फिर शादी की रस्में
भूपेंद्र के भाई भी फूले नहीं समा रहे। उनका नाम प्रद्युमन सिंह है। उन्होंने कहा कि, हमारे लिए खुशी का दिन है। हमें अपने पेरेंट्स पर गर्व है, जिन्होंने हमें ऐसे संस्कार दिए और इस काबिल बनाया।'
उन्होंने बताया कि, आज भूपेंद्र पर हल्दी चढ़ाने की रश्म है। कल सुबह वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान करेगा। उसके बाद शादी होगी।'

बधाई-संदेशों की बाढ़ आई
भूपेंद्र और उनके परिजनों को बधाई-संदेश देने वालों के लगातार फोन आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके लिए कमेंट्स की बाढ़ आई हुई है। भूपेंद्र का बतौर पीसीएस अधिकारी का पोस्ट, फेसबुक पर खूब लाइक किया जा रहा है। लोग उनकी प्रशंसा कर रहे हैं। शादी-समारोह की व्यस्तता के बीच थोड़ा समय निकालकर, उन्होंने और उनके परिजनों ने वनइंडिया हिंदी के जर्नलिस्ट से बात की और तस्वीरें भेजीं।

समाज में मिसाल है आपकी शादी
सोशल मीडिया पर भूंपेंद्र की पोस्ट पर एक शख्स ने कमेंट किया- ''बहुत..बहुत.. बधाइयां बेटे! शादी मुबारक हो..यही संस्कार संतान में होने चाहिए। आप अफसर हो। और, बिना दहेज शादी कर रहे हो। यह मिसाल पेश की है। तुम्हारी देखी-देखा और युवा भी ऐसा कर सकते हैं। वरना...आजकल, सरकारी नौकरी वालों की शादी का मतलब हो गया है लाखों-करोड़ रुपयों का दहेज मिलना।'

सीखना चाहिए दहेज लेने वालों को
इसी तरह एक ने लिखा- 'एक छोटी सी जाॅब क्या लग जाती है, लोगों के मुंह बंद नहीं होते हैं। किसी को 20 लाख तो किसी को 30 लाख रुपये दहेज में चाहिए। भले ही लड़की लड़के से ज्यादा काबिल ही क्यों न हो। दहेज लेने वालों को तुमसे सीखना चाहिए।'












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