Agra News: बिना FIR उठाया गया युवक, 6 साल बाद जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य, 17 पुलिसकर्मियों पर आरोप तय
Agra News, Raju Gupta: छह साल पहले हुई एक दर्दनाक घटना एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। 30 वर्षीय राजू गुप्ता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में अब सीआईडी की जांच पूरी हो चुकी है। चार्जशीट दाखिल होते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
सीआईडी की रिपोर्ट में उस रात थाने में मौजूद 17 पुलिसकर्मियों को गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन पर गैर इरादतन हत्या और अवैध हिरासत जैसे संगीन आरोप लगे हैं। अब शासन से अभियोजन की स्वीकृति मिलने का इंतजार है।

इस मामले में जिन पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं, उनमें एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा और कई मुख्य आरक्षी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए हर कोई पूछ रहा है कि क्या अब दोषियों को सजा मिलेगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
जेवर चोरी के शक में युवक को पुलिस ने दबोचा
आगरा जिले का यह पूरा मामला 22 नवंबर साल 2018 का है। आगरा के गैलाना रोड स्थित नरेंद्र एन्क्लेव निवासी रेनू गुप्ता का इकलौता बेटा राजू गुप्ता उस दिन घर नहीं लौटा।
उसी दिन कॉलोनी में रहने वाले अंशुल प्रताप के घर से जेवरों का बैग चोरी हो गया था। अंशुल ने राजू पर शक जताते हुए उसे पहले खुद बंधक बनाकर पीटा और फिर पुलिस बुला ली।
21 नवंबर की शाम सिकंदरा थाने की पुलिस राजू को बिना कोई एफआईआर दर्ज किए हिरासत में ले गई। उसकी मां रेनू गुप्ता बेटे को छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। थाने में राजू को बेरहमी से पीटा गया। पड़ोसी विवेक भी इस दौरान वहां मौजूद था, जिसने अंशुल के साथ मिलकर पहले ही मारपीट की थी।
थाने में पिटाई के बाद बिगड़ी हालत
22 नवंबर की सुबह राजू की हालत बेहद नाजुक हो गई। पुलिस उसे आनन-फानन में अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले।
शुरुआत में केस की जांच लोहामंडी थाने को सौंपी गई थी। पुलिस ने अंशुल प्रताप, विवेक और दरोगा अनुज सिरोही के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए सीआईडी को जांच सौंपने के आदेश दिए थे। आयोग की सख्ती के बाद ही यह मामला दोबारा उठाया गया।
चार्जशीट में 17 पुलिसकर्मी आरोपी
अब सीआईडी की जांच के बाद जो चार्जशीट शासन को भेजी गई है, उसमें इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह सहित 17 पुलिसकर्मियों के नाम हैं। इनमें दरोगा ज्ञानेंद्र शर्मा, तेजवीर सिंह, मुख्य आरक्षी राम किशन, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, रणजीत, हरीश चंद्र सहित कई अन्य शामिल हैं।
सीआईडी के एसपी राजेंद्र यादव ने मीडिया को बताया कि अभियोजन की स्वीकृति मिलते ही आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चार्जशीट में जिनके नाम हैं, उन्हें अपनी जमानत लेनी होगी।












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