Agra: स्वराज्य टाइम्स के संपादक की पत्नी के हत्यारों को हुई उम्रकैद, तोते 'मिटठू' ने पकड़वाया था कातिल भांजा
कई पालतू जानवरों और उनके मालिकों की अद्भुत कहानियां आपने कहीं न कहीं जरूर पढ़ी या सुनी होंगी। इस कहानी में भी एक कुत्ता है जिसने मालकिन के लिए अपनी जान दे दी और एक तोता है जिसने हत्यारों को सलाखों के पीछे पंहुचा दिया।

आगरा में 9 साल पहले हुए स्वराज्य टाइम्स के संपादक विजय शर्मा की पत्नी के हत्याकांड के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। ख़ास बात यह है कि लूटपाट के दौरान हुई इस हत्या का खुलासा करने में पुलिस की मदद पीड़ित परिवार के पालतू कुत्ते और तोते ने की थी। कुत्ते के हमले से चोट के निशान और तोते की गवाही से पुलिस हत्यारों तक पहुंची थी। एडीजीसी ने बताया कि तोता पुलिस की विवेचना का हिस्सा रहा था। मगर, साक्ष्य का हिस्सा नहीं था। उसकी गवाही नहीं हो सकती थी क्योंकि इसके लिए कोई कानूनन विधि नहीं है।

लूटपाट के बाद हत्या, कुत्ते को भी नहीं बख्शा
20 फरवरी 2014 को स्वराज्य टाइम्स के संपादक व स्कूल संचालक बल्केश्वर निवासी विजय शर्मा अपनी बेटी निवेदिता और बेटे अजेश शर्मा के साथ फिरोजाबाद शादी में गए थे। नीलम घर पर अकेली थी। रात में बदमाशों ने घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी और गहने-नकदी लूटकर फरार हो गए। विजय शर्मा जब रात में लौट कर आए तो पत्नी नीलम शर्मा और पालतू कुत्ता जैकी का शव मिला।
तोते ने चिल्ला चिल्ला कर बताया था हत्यारे का नाम
विजय शर्मा को अपने परिचितों पर शक था। उनके घर पर भांजा आशु भी आता था। जिस समय नीलम शर्मा की हत्या की गई उनका पालतू तोता 'मिटठू' घर पर रही था। कई दिन तक हत्यारों का पता नहीं चला। 'मिटठू' गुमसुम था, वह नीलम शर्मा के साथ ही खाना खाता था। विजय शर्मा ने 'मिटठू' के सामने तीन नाम लिए। जैसे ही उन्होंने कहा कि आशु घर पर आया था क्या, वह चिल्लाने लगा। इस पर उन्हें आशू पर शक हो गया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आशु को फ़ौरन हिरासत में लेकर पूछताछ की, और फिर चौंका देने वाला खुलासा हुआ।

कुत्ते के काटने के निशान से हुआ शक पक्का
वहीं जांच में पुलिस को आशु के शरीर पर कुत्ते के काटने और चोट लगने के निशान भी मिले। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपने दोस्त रोनी मेस्सी के साथ मिलकर नीलम शर्मा की हत्या की बात कबूल कर ली। जिस आशुतोष गोस्वामी को नीलम अपने बेटे की तरह मानती थीं। उसी ने उनकी हत्या कर दी। नीलम का सिर्फ एक बेटा था। वह मानसिक विक्षिप्त था। आरोपी आशुतोष की कुछ गलत आदतों को देखकर उसके घर आने पर रोक लगा दी गई थी, जिस कारण वह नाराज चल रहा था और नीलम की हत्या कर दी। मामले में बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र मोहम्मद राशिद ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। दोनों को आजीवन कारावास और 72 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।












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