Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Agra: कहीं 78 वर्षीय प्रत्याशी का 98वं नामांकन निरस्त तो कहीं चुनावी मैदान में आमने-सामने आईं सास-बहू

78 वर्षीय हसनुराम ने चुनाव में 98 वीं बार नामांकन दाखिल कर एक नया कीर्तिमान रच डाला है, लेकिन अफ़सोस इस बार उनका नामांकन निरस्त हो गया है। तो वहीं आगरा निकाय चुनाव में इस बार एक सास-बहू आमने सामने आ गईं हैं।

AGRA candidate contested

उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। प्रत्याशी दल बल के साथ चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं Agra में एक शख्स ऐसा भी है जो 78 साल की उम्र में 97 बार चुनाव लड़ चुका है। इस बार में पूरे जोश के साथ 78 वर्षीय हसनुराम अम्बेडकरी धोतीकुर्ता पहन साइकिल से नामांकन करने पहुंचे। वहीं दूसरी ओर आगरा में ही निकाय चुनाव में एक सास और बहू आमने सामने आ गई हैं। बताया जा रहा है कि परिवार के समर्थन के साथ दोनों चुनावी मैदान में एक दूसरे को टक्कर देने के लिए तैयार हैं।

AGRA candidate contested nikay chunav

राष्ट्रपति पद के लिए भी कर चुके हैं नामांकन
दरअसल, हसनुराम ने बताया कि वे तहसील में अमीन थे। उनकी चुनाव लड़ने की इच्छा हुई तो उन्होंने एक पार्टी से टिकट मांगा। हसनुराम ने बताया कि टिकट तो मिला नहीं, बल्कि उनका मजाक उड़ाया गया कि घर से भी कोई वोट नहीं देगा। इसके बाद वे 1985 से चुनाव की तैयारियों में जुट गए और हर चुनाव को लड़ते आ रहे हैं। इतना ही नहीं हसनुराम ने राष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन किया था, लेकिन पर्चा निरस्त हो गया था।

agra election

97 बार चुनाव हार चुके प्रत्याशी का नामांकन निरस्त
वहीं इस बार 97 बार अलग-अलग पदों पर चुनाव लड़ चुके खेरागढ़ नगर पंचायत प्रत्याशी हसनूराम अम्बेडकरी का नामांकन निरस्त हो गया है। उन्होंने नगर पंचायत खेरागढ़ के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था। एसडीएम खेरागढ़ अनिल कुमार सिंह द्वारा ये जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि जो नामांकन आए थे उनकी समीक्षा की गई। कुल 10 उम्मीदवारों द्वारा कुल नामांकन दाखिल किये गए थे। जिसमे से एक नामांकन निरस्त किया गया है। 9 नामांकन स्वीकार किए गए है। जिसमे 6 निर्दलीय प्रत्याशी है तो वहीं तीन राजनीतिक दलों से है।

Nikay Chunav 2023 agra

अनोखा कीर्तमान बनाना चाहते हैं हसनुराम
खैरागढ़ ब्लॉक के गांव नगला दूल्हे खां निवासी हसनुराम ने बताया कि वे वर्ष 1985 से चुनाव लड़ रहे हैं। जिसमें विधानसभा, लोकसभा, एमएलसी, जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ब्लॉक प्रमुख, नगर पंचायत, प्रधान, क्रय विक्रय, पार्षद के पद शामिल हैं।

Nikay Chunav Agra News

साइकिल से करते हैं चुनाव प्रचार
सभी चुनाव हार कर चुनाव हार का अनोखा कीर्तिमान बनाने में जुटे हसनुराम अपने चुनाव प्रचार के लिए किसी साधन के मोहताज नहीं हैं। वह अपनी साइकिल से ही चुनाव प्रचार के लिए निकल जाते हैं। उन्होंने बताया आज तक चुनाव प्रचार में एक रुपया भी खर्च नहीं किया है।

Agra election Nikay Chunav

सास और बहू चुनावी मैदान में आमने सामने
दूसरा मामला अपनेआप में बड़ा ही दिलचस्प है। अक्सर असल जिंदगी में, घर में सास बहू की लड़ाई देखने को मिल जाती है लेकिन घर के अंदर होने वाली सास बहू की लड़ाई अब चुनावी मैदान में पहुंच गई है। आगरा में नगर निकाय चुनाव में एक वार्ड ऐसा है, जंहा सास और बहू दोनों एक दूसरे के आमने सामने हैं। हालांकि सास और बहू में फ़िलहाल तो काफी सामंजस्य दिखाई दे रहा है। दोनों एक दूसरे का काफी सम्मान करती हैं लेकिन चुनावी रण में यह दोनों एक दूसरे की प्रतिद्वंदी हैं। दोनों का ही कहना है कि हम भले ही एक ही परिवार से हैं लेकिन जो भी जीतेगा वह जनता की समस्या को ध्यान में रखकर उनका निदान करने की कोशिश करेगा।

सास के पैर छूकर शुभ आशीष लिया
आगरा के चारसु दरवाजा वार्ड 10 से बहु चारू अपनी सास मीना देवी के सामने चुनावी रण में खड़ी हो गईं हैं। उन्होंने नामांकन के आखिरी दिन अपनी सास के खिलाफ अपना पर्चा दाखिल किया। बहू ने जब नामांकन दाखिल किया तो सास भी मौजूद थी। चुनावी मैदान में भले ही सास बहू एक दूसरे के सामने प्रतिद्वंदी बनकर खड़ी हों। मगर घर में वो एक साथ हैं। बहू चारु का कहना है उसने नगर निगम में नामांकन करने से पूर्व अपनी सास के पैर छूकर शुभ आशीष लिया। वहीं दूसरी तरफ सास ने भी बहू को बड़ी जीत का आशीर्वाद दिया।

घर के मुखिया तय करेंगे कि कौन चुनाव मैदान में रहेगा
निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरी बहू चारु ने बताया कि अभी तक मैंने अपने घर की जिम्मेदारी निभाई। भले ही मेरे घर में कम लोग हैं। लेकिन अगर मैं जीत जाती हूं, तो अपने वार्ड के लोगों को भी अपने परिवार की तरह देखूंगी। उनके सुख-दुख में और उनकी हर समस्या में उनके साथ खड़ी रहूंगी। अगर मेरे सामने मेरी सास प्रतिद्वंदी बनकर आती हैं। तब भी मैं अपने मुद्दों के बल पर क्षेत्र की जनता को आकर्षित करने का प्रयास करूंगी। क्षेत्र में जो भी पानी, सड़क, सफाई व अन्य कोई भी समस्या आएगी। उसका मजबूती से सामना कर जनता को साथ लेकर निदान करने की पूरी कोशिश करूंगी। वंही बहू का ये भी कहना है की यदि दोनों के पर्चे मैं कोई समस्या नही आती है तो घर के मुखिया तय करेंगे कि कौन चुनाव मैदान में रहेगा, नही तो जो भी पर्चा सही रहेगा वो चुनाव लड़ेगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+