बस को हाईजैक करने वाला मास्टरमाइंड पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में 34 यात्रियों से भरी बस को हाईजैक करने वाले बदमाशों और पुलिस के बीच गुरुवार की सुबह मुठभेड़ हो गई। फतेहाबाद थाना क्षेत्र के भालोखरा गांव के पास हुई मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसके कारण वह घायल हो गया। जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। बता दें कि मुठभेड़ में स्वाट टीम का एक सिपाही सुदर्शन भी घायल हुआ है। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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वहीं, मुठभेड़ की सूचना मिलते ही एसएसपी बबलू कुमार पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाश का नाम प्रदीप गुप्ता है, जो बस को हाईजैक करने का मास्टरमाइंड है। बताया जा रहा है कि थाना फतेहाबाद इलाके में चेकिंग के दौरान यह मुठभेड़ हुई। बाइक से भाग रहे प्रदीप गुप्ता को पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उसने गोली चला दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में प्रदीप गुप्ता को गोली लगी और वह घायल हो गया।
इससे पहले बुधवार देर शाम पुलिस ने इटावा के बलराय थाना क्षेत्र के एक ढाबे के पीछे से अगवा खाली बस को बरामद कर लिया था। दरअसल, आगरा में बुधवार को 34 सवारियों से भरी एक बस को हाईजैक कर लिया गया। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दी। शुरुआत में पता चला कि बस को श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ले गए, क्योंकि किश्तों का भुगतान नहीं किया गया था। लेकिन, बाद में कहानी कुछ और ही निकली।
इस पूरी घटना का मास्टमाइंड आगरा ग्रामीण इलाके के रहने वाले प्रदीप गुप्ता निकला। इस पूरे केस में एक नया एंगल सामने आया। पूरा मामला पैसों के लेनदेन को लेकर बताया जा रहा है। बस मालिक अशोक अरोड़ा और प्रदीप गुप्ता के बीच लेनदेन का विवाद चल रहा था। पुलिस को गुमराह करने के लिए प्रदीप ने फाइनेंस कंपनी की कहानी गढ़ी थी। प्रदीप की कहानी में ही आगरा पुलिस उलझ गई। बता दें कि बस मालिक अशोक अरोड़ा की कल रात ही मौत हो गई थी।












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