वंदे मातरम का समर्थन मुस्लिम को पड़ा भारी, सोशल मीडिया पर लिखी बच्चों को गोद देने की बात

Agra News (आगरा)। यूपी के आगरा में एक मुस्लिम परिवार को वंदे मातरम का सर्मथन करने पर जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली से बेहद आहत है। अब इस परिवार ने अपने बच्चों की जान बचाने के खातिर सोशल मीडिया का सहारा लिया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अपने दोनों बच्चों को एक ऐसे परिवार को गोद देने की बात लिखी है जो निसंतान और राष्ट्रवादी परिवार हो। ये पोस्ट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मुस्लिम परिवार करता है वंदे मातरम का समर्थन

मुस्लिम परिवार करता है वंदे मातरम का समर्थन

जानकारी के अनुसार, आगरा के पृथ्वीनाथ रेलवे फाटक के पास बसी मुस्लिम बस्ती में गुलचमन शेरवानी का परिवार रहता है। परिवार में गुलचमन की पत्नी हिनाज शेरवानी, बेटा गुलवतन शेरवानी और बेटी गुलसनम शेरवानी हैं। गुलचमन शेरवानी की परेशानी का कारण वंदे मातरम का समर्थन करना है। गुलचमन शेरवानी और उसका परिवार तिरंगा रूपी कपड़े भी पहनता है। वह बताते हैं कि देश और वंदे मातरम के प्रति पूरा परिवार सम्मान करता है। परिवार पर कट्टरपंथियों ने जानलेवा हमला किए। मुस्लिम समाज ने फतवा तक जारी कर दिया। इसके बावजूद उनका वंदे मातरम के प्रति भाव कम नहीं हुआ।

तिरंगे वस्त्र पहने पर हुआ था हमला

तिरंगे वस्त्र पहने पर हुआ था हमला

गुलचमन और उसके परिवार पर हमलों का सिलसिला जारी है। हाल ही में बीते 18 दिसंबर को तिरंगे के रूप में वस्त्र पहनकर गुलचमन शेरवानी एक जनाजे में शामिल होने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे तो वहां भी कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। गुलचमन ने मारपीट और अमानवीय घटना की जानकारी डायल 100 पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गुलचमन को मारपीट करने वाले लोगों से बचाया और उसे घर छोड़कर चली गई। घटना की तहरीर लेकर थाने पहुंचने पर भी मायूसी हाथ लगी।

सोशल मीडिया पर बच्चो को गोद लेने की अपील

सोशल मीडिया पर बच्चो को गोद लेने की अपील

गुलचमन शेरवानी द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया गया है। पोस्ट में लिखा है कि, 'मेरे प्यारे देश वासियों में अपनी बेटी गुलसनम शेरवानी जिसका जन्म 15 अगस्त 2010 और अपने बेटे गुलवतन शेरवानी जिसका जन्म 26 जनवरी 2013 को हुआ जिनको में एक निसंतान राष्ट्रवादी परिवार को गोद देना चाहता हूं। क्योकि मुझे और मेरे परिवार को जान का खतरा है। मैं नहीं चाहता कि मेरे साथ मेरे बच्चे भी कट्टरपंथियों का निशाना बने'।

सरकार को भी घेरा

सरकार को भी घेरा

सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में गुलचमन ने सरकार को भी घेरा है। उसने लिखा है कि, 'मैं सरकार की दोहरी नीति का शिकार हो रहा हूं। एक ओर सरकार ने वंदे मातरम गीत को राष्ट्रीय गीत घोषित कर रखा है वहीं, इसका विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है'। गुलचमन शेरवानी की पत्नी हिनानाज शेरवानी का कहना है कि मेरे पति और परिवार कई बार हमले हुए है और अब हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे इस हमले का शिकार हो इसलिए अब हमने अपने दोनों बच्चों को गोद देने का फैसला कर लिया है।

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