पुलिस हिरासत में आसाराम बापू, होगी मर्दानगी की जांच
जोधपुर। आखिरकार शनिवार रात एक बजे से चल रहे घटनाक्रम का अंत हुआ और स्थानीय अदालत ने रेप के आरोपी आसाराम बापू को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। आसराम ने जेल जाते समय भी अपना रटा-रटाया जुमला दोहराया और कहा कि वह पूरी तरह से निर्दोष हैं। 72 वर्षीय आसाराम को रविवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ग्रामीण) मनोज के व्यास के समक्ष पेश किया गया जहां उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पहले शनिवार रात 1 बजे इंदौर के आश्रम से आसाराम की गिरफ्तारी हुई थी, उन्हें पूरी रात एयरपोर्ट पर बितानी पड़ी उसते बाद उन्हें जोधपुर लाया गया था।
जोधपुर के मंडोर के समीप स्थित पुलिस लाइन में पूछताछ के दौरान असाराम ने खुद के बेकसूर होने पर जोर दिया। पुलिस ने बताया कि आसाराम को पुलिस लाइन में ही रात गुजारनी होगी। इस बीच एक बार फिर से आसाराम ने कहा कि उनके खिलाफ राजनैतिक साजिश की जा रही है इसलिए ऐसा हो रहा है उन्होंने कोई अनैतिक काम नहीं किया है।
पुलिस के मुताबिक उन्होंने दो दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने केवल एक दिन की हिरासत मंजूर की। हम सोमवार को उन्हें फिर यहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सामने पेश करेंगे और यदि जरूरत हुई तो और हिरासत की मांग करेंगे।"
आसाराम के खिलाफ बच्चों को यौन अपराधों से बचाने से संबंधित कानून और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है। मालूम हो कि यूपी के शाहजहांपुर की सोलह साल की नाबालिग लड़की ने आसाराम बापू और उनके चेलों पर रेप का आऱोप लगाया था। नाबालिग लड़की ने बताया है कि आसाराम बापू और उनके चेलों ने मिलकर उसके साथ राजस्थान के आश्रम में यौन-शौषण किया है।
मामले के तूल पकड़ते ही आसाराम और उनके बेटों ने नाबालिग को ही गलत ठहरा दिया था। आसाराम के बेटे ने तो नाबालिग को ही पागल और मानसिक रूप से अस्थिर बताया है। आसाराम ने अपनी सफाई में हर बार यही बताने की कोशिश की वह सही है और पीड़ित को अपनी बेटी मानते हैं, उन्हे जबरदस्ती कांग्रेस रेप केस में फंसा रही है। उन्होंने बिना नाम लिये यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया था।













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