देश को अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण वाली सरकार चाहिए : पित्रोदा
नई दिल्ली| प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक सलाहकार सैम पित्रोदा का कहना है कि देश दोराहे पर खड़ा है और इसे एक मजबूत तथा अंतर्राष्ट्रीय दृष्टि वाली सरकार चाहिए, जो देश के विकास को अगले स्तर पर लेकर जा सके।
पित्रोदा ने कहा, "हम दोराहे पर खड़ा हैं। सवाल यह है कि हम किस राह पर आगे बढ़ते हैं। अगर हम गलत राह पर आगे बढ़ते हैं, तो हम मुश्किल में फंस सकते हैं।" पित्रोदा सार्वजनिक सूचना अधोसंरचना और नवाचार पर प्रधानमंत्री को सलाह देते हैं।

पित्रोदा ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में कहा, "हमारी सोच 19वीं शताब्दी की है। हमारी जरूरत 21वीं शताब्दी की है। हमें अपने सोचने के तरीके में बदलाव लाना होगा। हमें प्रौद्योगिकी बदलनी होगी। हमें प्रक्रिया बदलनी होगी।"
पित्रोदा ने कहा कि देश विषम परिस्थिति से गुजर रहा है और देश को एक मजबूत तथा अंतर्राष्ट्रीय दृष्टि वाली सरकार चाहिए। पित्रोदा पिछले तीन दशक से केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों को सलाह दे रहे हैं। उन्हें उनके मित्र और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश में दूरसंचार क्रांति का सूत्रपात करने में मदद करने के लिए आमंत्रित किया था। वह पहले शिकागो में रहा करते थे।
उन्होंने कहा कि हर कोई अभी अगले आम चुनाव का इंतजार कर रहा है।
उन्होंने कहा, "हमें मजबूत सरकार चाहिए, हमें सरकार में युवा लोग चाहिए, हमें ऐसी सरकार चाहिए, जिसकी सोच अंतर्राष्ट्रीय हो, एक ऐसी सरकार जिसके पास समावेशी सोच हो।"
पित्रोदा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति संभाल लेने की क्षमता है और यह जल्द ही आठ फीसदी विकास दर हासिल कर लेगी। पित्रोदा दुनिया भर के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में व्याख्यान देते हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षो में देश की विकास प्रक्रिया में इंटरनेट आधारित सेवाओं और प्रौद्योगिकी पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि आज से 10 वर्ष बाद लगभग हर कोई इंटरनेट का उपयोग करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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