नरेंद्र मोदी जानते हैं कि भारत में पार्टी से बड़ा होता है व्यक्ति
[नवीन निगम] हैदराबाद के एलबीएस स्टेडियम में नरेंद्र मोदी अपने चुनावी अभियान का बिगुल फूंकने जा रहे हैं। देश के करोड़ों लोग ट्विटर पर ऐक्टिव हैं, लाखों फेसबुक और टीवी से चिपके हुए हैं और हजारों की संख्या में लोग स्टेडियम पहुंचे हैं। सभी की जुबां पर एक नाम है नरेंद्र मोदी, न कि भाजपा। मेरे एक मित्र आजकल चुनाव के लिए पूरे उप्र का दौरा कर रहे हैं। कल मुलाकात के दौरान उन्होंने एक बात कही कि यूपी में गांव-गांव में सिर्फ एक व्यक्ति को लेकर बात हो रही हैं वो हैं नरेंद्र मोदी, उनका कहना था या तो कोई उन्हें कोसता हुआ दिखा या तारीफ करता हुआ, लेकिन चर्चा सिर्फ इसी नाम की हैं। मेरे तर्क करने पर वह बोले ...याद करिए उत्तर प्रदेश में उस पार्टी को फायदा पहुंचता है जो चुनाव को किसी व्यक्ति पर आधारित कर ले जाती हैं।
मित्र की बात में दम था उन्होंने तर्क लाजवाब दिया था, अभी तक उप्र में जितने भी चुनाव हुए वह व्यक्ति आधारित ही हुए यहां तक की पिछला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री अखिलेश की युवा छवि के आसपास घूमा था। इससे पहले जवाहर लाल नेहरु, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, वीपी सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी, मायावती और अखिलेश के नाम पर चुनाव हुए और जनता ने पार्टी से ज्यादा व्यक्ति को महत्व दिया। खैर आज हैदराबाद के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और भाजपा के संभावित पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी चुनाव अभियान का आगाज कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के संबंध में ऊपर मैंने जो लिखा उसका मतलब यही था कि मेरे मित्र जो बात कह रहे थे मोदी भी उस गणित को जानते हैं। इसीलिए वह व्यक्तिवादी राजनीति की तरफ अग्रसर हैं। गुजरात में वह इस प्रयोग को तीन बार सफल कर चुके हैं। शायद इसी बात को समझने के बाद कांग्रेस और राहुल गांधी ने मोदी पर कमेंट करने से बचने की कांग्रेसियों को सलाह दी। क्योंकि कांग्रेस शुरुआत में तो खुश थी कि मोदी के आने से चुनाव कांग्रेस बनाम भाजपा हो रहा हैं लेकिन धीरे धीरे उसे अपनी गलती का अहसास होने लगा हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद में प्रस्तावित युवाभेरी रैली के लिए अब तक करीब एक लाख लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया है। मालूम हो, एक अनूठे पहल के तहत मोदी की इस रैली में शामिल होने के लिए इच्छुकों से प्रति व्यक्ति 5 रुपए चार्ज किए गए हैं और जमा रकम को उत्तराखंड आपदा पीडि़तों को देने की बात कही गई है। आप देखिएगा कि मोदी की राजनीति से प्रेरित होकर जल्द ही कोई और पार्टी इसी तरह अपने नेता की रैली पर टिकट लगाएंगी। पार्टी कौन सी होगी पता नहीं लेकिन यदि ऐसा होता है तो पता चल जाएगा कि मोदी की व्यक्तिवादी राजनीति में नेता फंसने लगे हैं। उल्लेखनीय है भाजपा नेता राजीव प्रताप रूढ़ी ने भाजपा प्रधानमंत्री पद के लिए नरेन्द्र मोदी के नाम पर मुहर लगाते हुए अब उन कयासों पर भी विराम लगा दिया कि भाजपा प्रधानमंत्री पद उम्मीदवारी के लिए नरेन्द्र मोदी ही अंतिम सत्य है।












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