5 जवानों की शहादत, देश मचा रहा शोर पीएम, तीनों सेनाओं के चीफ मौन
नई दिल्ली। सीमा पर पाकिस्तान की कायरता पूर्ण हरकत पर देशवासियों में आक्रोश हैं, पर अभी भी इस मसले पर न तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का वक्तव्य आया है और न ही देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कुछ कहा है। यहां तक की तीनों सेनाओं का चीफ होने के बावजूद राष्ट्रपति ने शोक भी व्यक्त नहीं किया है। यह पहली बार नहीं है जब सीमा पर भारतीय जवानों के साथ ऐसी हरकत हुई हैं, इसके पहले भी भारतीय जवानों पर हमला कर पाक सेना ने उनके सिर काट दिये थे, तब भी भारत ने पाक के खिलाफ कुछ ठोस कार्यवाई नहीं की।
ऐसे में यह भी सवाल उठता है कि एक मजबूत सेना होने के बावजूद भारत ने अब तक पाक को जवाब क्यों नहीं दिया? क्या हमारी सेनाएं बड़ी कार्यवाई के लिए तैयार नहीं हैं? क्या कारण है कि बिना किसी जांच के कुछ ही घंटों के बाद रक्षामंत्री ने पाक को क्लीन चिट दे दी? बताया जाता है कि पाकिस्तान के 20 सैनिक भारतीय सीमा में घुस आये और पांच जवानों की हत्या कर चले गये। भारत की तरफ से कोई गोलीबारी क्यों नहीं की गई?

आज लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने मांग की है कि जम्मू एवं कश्मीर में भारतीय जवानों की हत्या के मामले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अवश्य बयान देना चाहिए। इस हमले में पांच भारतीय जवान शहीद हो गए और एक घायल हो गया। इसके अलावा स्वराज ने रक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्री के बयान में अंतर पर भी जवाब मांगा है।
स्वराज ने कहा, "रक्षा मंत्री ने एक बयान दिया, लेकिन बाद में पता चला कि रक्षा मंत्रालय ने भी एक विज्ञप्ति जारी की है।" जहां रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना हमले के लिए जिम्मेदार है, वहीं मंत्री ने उसे क्लीन चिट दे दी। स्वराज ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को वक्तव्य देना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीराकुमार ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।












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