विज्ञापन में घिरी दिल्ली पुलिस, 'बच्चों को प्याज काटना सीखाएं' ऐड पर बवाल
नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस और विवादों का चोली-दामन का साथ है। आए दिन दिल्ली पुलिस किसी ना किसी विवाद में फंसती रहती है। नया विवाद एक विज्ञापण को लेकर खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा बच्चों को लेकर दिए गए इस विवाद में अब वो खुद फंस गई है। ऐड पर विवाद खड़ा हो गया है।
युवा ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए जुटाए जा रहे फंड के लिए दिल्ली पुलिस का विज्ञापन उसके लिए ही फांस बन गया है। 3 दिन पहले दिल्ली पुलिस की ओर से आए एक विज्ञापण में कहा गया था कि 'एक बच्चे को जल्द से जल्द प्याज काटना सिखाए वरना उसे कोई सिर काटना सिखा देगा।' इस ऐड में दिल्ली पुलिस ने बच्चे की तस्वीर बिना धुंधली किए हुए दिखाई थी। इस ऐड में 64 बेघर बच्चों को मुक्त कराए जाने और उन्हें वोकेशनल ट्रेनिंग दिए जाने की बात कही गई है।

दिल्ली पुलिस के इस विज्ञापण के बाद बवाल खड़ा हो गया। मीडिया में इस विज्ञापन के सर्कुलेट होने के बाद दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस पर कड़ा ऐजराज जताया था। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरपर्सन अरुण माथुर ने 7 दिनों के अंदर दिल्ली पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा। अरुण माथुर ने कहा, 'ऐड में बच्चों की तस्वीर छापने पर भी गाइडलाइन मौजूद है।
पुलिस ने बच्चे का चेहरा बिना धुंधला किए दिखाया। वहीं, प्याज काटना भी चाइल्ड लेबर के तहत आता है। यह ऐड अत्यधिक संवेदनशील है साथ ही आयोग ने दोबारा ऐसा विज्ञापन न छापने की भी अपील की है। विज्ञापन पर बढ़ते विवाद को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इस पर खेद प्रकट करते हुए इसे वापस ले लिया है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि अगर इस ऐड से किसी को दुख पहुंचा है तो वह खेद प्रकट करते हैं और ऐड को वापस लेते हैं।












Click it and Unblock the Notifications