सुप्रीम कोर्ट के फैसला: महाराष्ट्र में फिर थिरकेंगी बार बालाएं, खुलेंगे डांस बार
मुंबई। अब एक बार फिर महाराष्ट्र के बार में लड़कियों को तंग कपड़ों में नाचते और इशारे करते देखते हुए आप शराब का मजा ले सकेंगे क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार से पाबंदी हटा दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया है और कहा कि डांस बार पर पाबंदी गलत है। उल्लेखनीय है कि 2005 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने मुंबई समेत महाराष्ट्र के सभी डांस बारों पर पाबंदी लगा दी थी।
अपने इस फैसले पर पाटिल ने दलील दी थी कि डांस बार के लिए लड़कियों की तस्करी की जाती है। डांस बार के मालिक लड़कियों का आर्थिक और शारीरिक शोषण करते हैं और इससे देह व्यापार को बढ़ावा मिलता है। पाटिल द्वारा लगाये गये सरकारी पाबंदी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया था। 12 अप्रैल 2006 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बार डांसरों के हक में फैसला सुनाया था।

मुंबई में थे 700 से ज्यादा डांस बार
अप्रैल 2005 में जब पहली बार मुंबई के डांस बार पर प्रतिबंध लगा था उस वक्त अनुमानत: शहर में 700 से अधिक डांस बार चल रहे थे। हालांकि इसमें कुछ ही डांस बार थे जो लाइसेंस लेकर काम कर रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार जितने डांस बार पूरे मुंबई में थे बाकी महाराष्ट्र में उसके आधे भी नहीं थे। आंकड़ों की मानें तो लगभग 1.5 लाख लोगों की रोजी-रोटी डांस बार से ही चलती थी। इनमें से आधी बार बालाएं थीं।












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