उत्तराखंड प्रलय: अब मशीनें निकालेंगी पहाड़ों में दबे सैकड़ो शव

देहरादून। उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के एक महीना गुजरने के बाद भी केदारनाथ में कई फीट ऊंची जमी गाद के नीचे अभी भी सैकड़ों की संख्या में मानव शव और मृत पशुओं के अस्थि-पंजर दबे हुए हैं। इन जीवन अवशेषों को निकालने के लिए अधिकारी अब मशीनों का उपयोग करेंगे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुरिंदर सिंह नेगी ने सोमवार को बताया कि राज्य में बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में मलबे तले दबे शवों को निकालने के लिए मशीनों का उपयोग किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि मुंशियारी इलाके में रविवार को ही मशीनें उतारी जा चुकी हैं। मशीनें जल्द ही केदार घाटी में ले जाई जाएंगी। मुंशियारी केदारनाथ से 100 किलोमीटर की दूरी पर है। नेगी ने बताया कि बाढ़ के बाद ऊपर से दिखाई दे रहे शवों को तो हटा दिया गया है, लेकिन गाद के नीचे दबे शवों को निकालना काफी कठिन है। नेगी ने बताया कि इससे पहले खराब मौसम और हेलीपैड के टूट जाने के कारण खुदाई करने वाली मशीनों को ले जाने में देरी हुई।

Machines to dig out hundreds of buried bodies in Uttarakhand

शवों को सड़ने तथा इसके कारण संक्रमण एवं बीमारी को फैलने से बचाने के लिए अधिकारियों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में कई टन ब्लीचिंग पाउडर तथा संक्रमण-रोधी पदार्थो का छिड़काव करवाया है। छिड़काव हेलीकॉप्टर के जरिए भी किए गए। मंत्री ने बताया कि हमने पीने के पानी को स्वच्छ रखने के लिए लोगों को फ्लोराइड की लाखों गोलियां भी उपलब्ध करवाईं। नेगी ने बताया कि बाढ़ की तबाही झेल चुके इलाकों में अब किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें नहीं रह गई हैं।

राज्य सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि त्रासदी की चपेट में आए 5,748 लोग अभी भी लापता हैं। सरकार ने साथ ही यह भी कहा कि लापता लोगों के परिवार वालों को भी मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने हालांकि कहा है कि इसके साथ-साथ लापता लोगों की तलाश का काम भी जारी रहेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+