उत्तराखंड में नदियों के किनारे नहीं होगा कोई निर्माण

लोगों का आशियाना उनसे छिन चुका है। ऐसे में उत्तराखंड की तबाही से सीख लेते हुए राज्य सरकार ने नदियों के किनारे मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दिया है। सीएम विजय बहुगुणा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में योजना एवं विकास पर गौर करने के लिए पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण प्राधिकरण स्थापित किए जाने की घोषणा की।
इस योजना के अध्यक्ष खुद विजय बहुगुणा होंगे। सीएम ने घोषणा करते हुए कहा है कि सरकार ऐसी विकास और पुनर्निर्माण योजना तैयार कर रही है जो आने वाले समय में चुनौतियों को स्वीकार कर सके।
एक सम्मेलन में इसकी घोषणा करते हुए विजय बहुगुणा ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए भारी नुकसान पर विचार करते हुए कैबिनेट ने यह फैसला किया। सीएम के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ इस योजना से जुड़े होंगे।
सरकार ने व्यापक पैमाने पर हुए इस तबाही के बाद राहत और पुनर्वास के प्रावधानों में संशोधन करते हुए इसका दायरा छोटी दुकानों और ढाबों से बड़े होटलों तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने भी इस सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह एक प्रगतिशील और महत्वपूर्ण कदम है जिससे लोगों में भरोसा पैदा होगा।












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