अनिष्टकारी योग में खुले केदारनाथ के कपाट इसलिये टूटा कहर!
देहरादून। उत्तराखंड के गंगोत्री-यमुनोत्री में कुदरत का कहर टूट पड़ा है। हजारों लोग फंसे हुए हैं। बचेंगे या नहीं, किसी को नहीं मालूम। इस कहर के टूटने का कारण प्राकृतिक आपदा है, लेकिन अगर पशुपतिनाथ मंदिर काठमांडु के लक्ष्मीनारायण जी राजगुरु की मानें तो यह कहर इसलिये टूटा क्योंकि केदारनाथ के द्वार अनिष्टकारी योग में खोले गये।
असल में लक्ष्मीनारायण जी राजगुरु ने पहले ही इस बात की भविष्यवाणी कर दी थी कि उत्तराखण्ड में कोई न कोई विनाशकारी घटना जरूर घटेगी, क्योंकि केदारनाथ के द्वार अक्षय तृतीया के बजाये एक अनिष्टकारी योग में खोले गये हैं। इस संबंध में वेबसाइट www.himalayauk.org ने अपने एक लेख में ऐसी भविष्यवाणी की थी। खबर में लिखा गया था, "अक्षय त़तीया पर चार धाम के कपाट खुलने का है, उत्तराखण्ड के सत्तासीन नेता सोच रहे है कि सरकारी खर्चे से पूजापाठ कर अपने पाप उतार लिये जाये, परन्तु इस बार बडी भारी चूक होकर अनहोनी घटना घटने जा रही है, हुआ यूं कि गंगोत्री तथा यमनोत्री धाम के कपाट मंदिर समिति ने अक्षय त़तीय पर खोलना सुनिश्चित किया, इसके लिए समय निकाला गया 13 मई को समय 2 बजकर 24 मिनट परन्तु यही चूक हो गयी, घड़ी के अंतर ने विधि के विधान में अपशकुन की घडी फिट करा दी।"
आगे लिखा गया, "अक्षय त़तीया 12 मई को शुरू होकर 13 मई को 12 बजकर 42 मिनट पर खत्म हो रही है, तथा रोहणी नक्षत्र है, इस दौरान शानदार व विशेष संयोग है परन्तु यह अवसर चूक गये तो अनिष्टकारी योग है, 12 बजकर 24 मिनट के बाद रोहणी नक्षत्र खत्म हो रहा है तथा पित़्र पूजन का योग है जिसमें पवित्र कार्य निषेध है, देवताओं की पूजा न करने का योग है, जबकि मंदिर समिति यह अनिष्टकारी योग में कपाट खुलवा कर पूजा करवा रही है, इसका क्या असर व परिणाम होगा, यह तो ज्योतिषाचार्य गणना कर बाद में बताएंगे परन्तु गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट गलत मुहूर्त में खोले जाने का मुहूर्त पहली बार हो रहा है, इसके लिएजाने क्या अनिष्टकारी योग छिपा है"
यह लेख वेबसाइट के संपादक चन्द्रशेखर जोशी ने लिखी थी। उन्होंने लिखा, "14 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय होने वाली पूजा अर्चना में शामिल होकर मुख्येमंत्री अपनी गददी सुरक्षित करने के लिए पूजा पाठ करेगें तथा राज्यं में सितंबर में होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में डूबती साख को बचाने के लिए गुहार लगाएंगे, कहीं केदारनाथ में कदम रखते ही सितारे उल्टी चाल न चलने लेगे, 12 मई को चार धाम यात्रा की औपचारिक शुरूआत ऋषिकेश में कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने सैकडों बसों को हरी झण्डी दिखाकर यात्रा शुरू करवायी वहीं 12 मई को समय 1:30 बजे सूबे के डीजीपी ने ईटीवी से बातचीत में कहा कि उन्हें डर है कि सडकों व लैंसस्लाइडिंग के कारण दुर्घटनाओं ज्यादा न हो"
लक्ष्मीनारायण जी राजगुरु का मानना है कि बद्रीनाथ केदारनाथ में पंडे अब आस्था को ताक पर रख सिर्फ कमाई करने में जुट गये हैं, उसी के फलस्वरूप ऐसा हुआ है। खैर यदि आप शकुन-अपशकुन अच्छे-बुरे योग को मानते हैं, तो आप भी इस खबर पर विश्वास करेंगे।













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