उप्र में घरेलू बिजली 26 फीसदी महंगी

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 31 मई को बिजली की बढ़ी हुई दर घोषित की थी। घोषित बिजली की दरों के संबंध में नियमानुसार पावर कारपोरेशन व बिजली कंपनियों के अध्यक्ष संजय अग्रवाल की ओर से तीन जून को सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई थी। सूचना के मुताबिक बिजली की बढ़ी हुई दरें सोमवार से प्रदेशभर में लागू हो जाएंगी। कारपोरेशन के निदेशक वाणिज्यिक डा. संजय कुमार सिंह ने बताया कि नई बिजली की दरें लागू करने के संबंध में बिलिंग एजेंसियों ने साफ्टवेयर में संशोधन कर लिया है। नई दरें महीने के बीच से लागू होने से किसी उपभोक्ता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता के पूरे महीने इस्तेमाल की जाने वाली बिजली के बिल को समानुपात के आधार पर निकाला जाएगा। 9 जून तक इस्तेमाल होने वाली बिजली के लिए पुरानी दर व महीने के शेष दिनों के लिए नई दर से महीनेभर का बिल बनेगा।
उल्लेखनीय है औसतन 10-29 फीसद महंगी होने वाली बिजली में 3-71 फीसद रेग्यूलेटरी सरचार्ज भी है। सरचार्ज केस्को कानपुर के उपभोक्ताओं को छोड़कर अन्य बिजली कंपनियों (मध्यांचल, पूर्वाचल, पश्चिमांचल व दक्षिणांचल) के उपभोक्ताओं से बिजली के बिल की धनराशि पर वसूला जाएगा। सर्वाधिक मार शहरी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगी। लगभग तीन वर्ष बाद घरेलू बिजली के दाम में औसतन 26 फीसद का इजाफा किया गया है। फिक्स चार्ज से लेकर प्रति यूनिट बिजली के दाम में इजाफा किया गया है। अधिक बिजली खपत करने पर ज्यादा बिल चुकाना होगा।
ऐसे में ज्यादा बिजली खपत करने वालों के लिए बिजली 35.40 फीसद तक मंहगी हो जाएगी।
एक किलोवाट का कनेक्शन व महीने में 150 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले लाइफ लाइन घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को भी बिजली के लिए अब ज्यादा बिल देना होगा। घर बनाने को अस्थायी कनेक्शन लेने पर कल से प्रति माह 115 रुपये न्यूनतम चार्ज के साथ ही 6 रुपये यूनिट देना देना होगा। विभागीय कर्मियों के लिए भी कल से बिजली महंगी हो जाएगी। उन्हें अब प्रतिमाह 600 रुपये तक देना होगा।












Click it and Unblock the Notifications