राजनीतिक पार्टियां आयीं RTI के दायरे में

नई दिल्‍ली। अपना माल धकेला वाले नेताओं की अब खैर नहीं। राजनीतिक पार्टी के नाम पर धन उगाही करने वाले अब सतर्क हो जायें, क्‍योंकि अगर जनता ने चाह लिया तो उन्‍हें अपना लेखा-जोखा जनता के सामने खोलना होगा, क्‍योंकि अब राजनीतिक पार्टियां भी सूचना का अधिकार के तहत आयेंगी।

असल में सेंट्रल इंफॉर्मेशन ऑफीसर सत्‍यानंद मिश्र ने कहा है कि अब कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा, सीपीआई, सीपीआई (एम), एनसीपी, डीएमके, आदि जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टियां भी अब सूचना का आयोग के दायरे में आयेंगी। उन्‍होंने इसके पीछे तर्क दिया कि चूंकि यह पार्टियां भी जनता से सीधा ताल्‍लुक रखती हैं, इसलिये जनता का अधिकार बनता है इनसे सूचना मांगने का। यानी कोई भी भारतीय नागरिक सूचना का अधिकार कानून की धारा 2 (एच) द्वितीय के तहत आरर्टीआई के जरिये इन पार्टियों से सूचना मांग सकता है।

Party workers

सच पूछिए तो यह नियम बहुत उपयोगी है, क्‍योंकि इससे चुनाव में कितना खर्च, पार्टी नेताओं की सैलरी, पार्टी के कार्यक्रमों के खर्च, आदि का हिसाब-किताब रखा जा सकेगा। यही नहीं अब राजनीतिक पार्टियों को इस बात का डर रहेगा, कि कहीं किसी ने किसी भी विशेष कार्यक्रम के खर्च आदि की सूचना मांग ली, तो ईमानदारी तो बरतनी ही पड़ेगी, नहीं तो आयोग कोई भी ऐक्‍शन लेने को स्‍वतंत्र होगा।

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