यूपी में 'कमल' खिलाने में जुटे 'गांधी', पहली रैली में ही जुटाई झमाझम भीड़
सुल्तानपुर। बीजेपी के महासचिव वरुण गांधी ने तमाम आलोचनाओं के बाद राजनीति में कमबैक किया है। यूपी में सपा और बसपा से काफी पीछे चल रही बीजेपी की नैया पार लगाने का जिम्मा वरुण गांधी ने उठाया है। वरुण ने भी जिम्मेदारी संभाली और सुल्तानपुर से अपनी रणनीति का शुभारंभ कर दिया।
वरुण गांधी ने सुल्तानपुर से स्वाभिमान रैली का आरंभ किया और कांग्रेस समेत सपा-बसपा पर जमकर निशाना साधा। वरुण ने कहा कि जाति व संप्रदाय की राजनीति से सिर्फ नुकसान होगा। वरुण ने अपनी रैली में जाति-धर्म की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों को समझना होगा कि इंसानियत से बड़ी कोई जाति नहीं होती।

वरुण गांधी ने जातीय राजनीति में उलझे उत्तर प्रदेश की बरबादी के लिए सपा-बसपा को निशाने पर लिया। कहा भी ये जा रहा है कि वरुण गांधी अगला लोकसभा चुनाव सुल्तानपुर से लड़ने की तैयारी में हैं। ये संकेत पहले से मिलते रहे हैं। लेकिन वरुण ने सुल्तानपुर में अपने चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी। परिवार के दूसरे खेमे के राहुल गांधी के अमेठी से सटी सुल्तानपुर सीट से वरुण की उम्मीदवारी ने राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है।
वरुण की रैली की महीनों से तैयारियां चल रही थीं। पार्टी के दिग्गज नेता भी रैली में शामिल हुए। वरुण की मेहनत भी रंग लाई। रैली में भारी भीड़ जुटी। आसपास के कई जिलों के भाजपाई वरुण को देखने-सुनने पहुंचे। रैली में वरुण ने अपने भाषण में कांग्रेस पर तो वार किया, लेकिन ना तो सोनिया का नाम लिया और ना ही राहुल का। वरुण ने 'गांधी परिवार' के चिर-परिचित अंदाज में अपना भाषण शुरु किया। वरुण ने अपने भाषण के शुरुआत में ही भीड़ को बांधने की कोशिश की। कहा कि मौं अपने घर आया हूं। यहां के लोगों ने हमेशा मेरे पिता का हाथ थामे रखा। एक के बाद एक कर अपने निजी पलों को वो लोगों के साथ बांटते रहे। अपने दुखों को लोगों से साझा करते रहे है। लोग भी भावुकता के साथ उनकी बाते सुनते रहे। अंत तक भीड़ जुटी रही। देखने वाली बात तो ये होगी कि बीजेपी के ' गांधी' यूपी में कमल खिला पाते है या नहीं?












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