लेनदेन के विवाद में गोवा में मौत का खेल

उसने महाराष्ट्र के एक श्रमिक परिवार को ठिकाने लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह परिवार उसके लिए काम करता था। फर्नाडीस और उसके सहयोगी रमेश बगवी ने मजूदर की बेटी (6) और बेटे (4) को एक टीले से फेंक दिया था। दोनों बच गए हैं। उनका इलाज एक अस्पताल में चल रहा है। पुलिस उप महानिरीक्षक ओपी मिश्रा ने कहा कि फर्नाडीस और बगवी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मिश्रा ने कहा कि उसने दोनों बच्चों को मालेम के जंगल में एक टीले से फेंककर मारने की कोशिश की, मगर दोनों बच्चे बच गए। उन्होंने कहा कि एक नेक आदमी द्वारा बच्चों को ढूंढ़ने के बाद ही इस वीभत्स घटना का पता चल सका। पुलिस ने बताया कि 40 वर्षीय शिवाजी नाइक महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले का रहनेवाला था। उसका अपने नियोक्ता फर्नाडीस के साथ पणजी के बाहरी इलाके रिबैंडर में 11 मई की शाम कहासुनी हुई थी।
कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। फर्नाडीस और उसके सहयोगी बगवी ने नाइक की हत्या कर दी और उसके शव को मिट्टी खोदने वाले एक मशीन की मदद से दफना दिया। शिवाजी की पत्नी सुजाता जब अगली सुबह अपनी पति के बारे में पूछने आई तो फर्नाडीस ने उससे कहा कि उसका पति दुर्घटना का शिकार हो गया है। उसने सुजाता को अपने दो बच्चों के साथ अस्पताल चलने के लिए कहा।
मिश्रा ने बताया कि फर्नाडीस और बगवी काफी देर तक सुजाता और उसके दो बच्चों को गाड़ी में घुमाते रहे। उनका इरादा उनकी हत्या कर उनके शव को ठिकाने लगाने का था। दोनों ने सुजाता की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को मोलेम के जंगल में एक टीले से नीचे फेंक दिया। उन्होंने दोनों बच्चों को भी टीले से फेंककर हत्या करने की कोशिश की, लेकिन वे किसी तरह बच गए।












Click it and Unblock the Notifications