सनाउल्लाह की मौत पर हैरान और दुखी पाकिस्तान
चंडीगढ़। जम्मू की एक जेल में गत सप्ताह हमले में घायल होने के बाद चंडीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराए गए पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह रंजे की गुरुवार सुबह मौत हो गई। उसके ज्यादातर अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। यह जानकारी चिकित्सकों ने दी। इस बीच, पाकिस्तान ने उसकी मौत पर हैरानी जताई है।
चंडीगढ़ स्थित पोस्ट गै्रजुएट इंस्टीट्युट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) के एक प्रवक्ता ने कहा, सनाउल्लाह के ज्यादातर अंगों ने काम करना बंद कर दिया था तथा सुबह सात बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। वाईके बत्रा के नेतृत्व में चिकित्सकों के दल ने उसे बचाने की हर सम्भव कोशिश की थी।

उसकी हालत पिछले कुछ दिनों से अत्यधिक नाजुक बनी हुई थी और बुधवार से उसके गुर्दो ने काम करना बंद दिया था। उसे उपचार के लिए शुक्रवार को जम्मू से चंडीगढ़ लाया गया था तथा तब से वह गहरे कोमा में था। वह जम्मू की कोट बलवाल जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। उस पर एक भारतीय कैदी ने तीन मई को हमला कर दिया था।
पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रवक्ता मंजूर मेमन ने नई दिल्ली में कहा कि पाकिस्तान उसकी मौत की खबर से 'दुखी और हैरान' है। मेमन कहा कि हम भारत सरकार से उसके शव को स्वदेश वापस ले जाने की प्रक्रिया सरल बनाने का अनुरोध करेंगे। पीजीआईएमईआर के अधिकारियों के मुताबिक, उसकी मौत की जानकारी केंद्र सरकार को दे दी गई है।
चिकित्सकों ने बताया कि मंगलवार को उसे पीलिया और अन्य आंतरिक संक्रमण होने की पुष्टि हुई थी। उसके शव का पोस्टमार्टम गुरुवार दोपहर किया जाएगा। सनाउल्लाह के परिवार के दो सदस्य मंगलवार को पाकिस्तान से भारत आए थे। उन्होंने भारत सरकार से उसे स्वेदश जाने देने का अनुरोध किया था।
सनाउल्लाह पर यह हमला पाकिस्तान के लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में जानलेवा हमले में घायल हुए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की मौत के अगले दिन हुआ था। सनाउल्लाह को हिंदुओं के धार्मिक स्थल माता वैष्णो देवी के नजदीक कटरा में 1994 में हुए विस्फोट मामले में 1996 में गिरफ्तार किया गया था इस हमले में 10 लोगों की मौत हो गई थी। पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर सनाउल्लाह को देखने सोमवार को पीजीआईएमईआर गए थे।












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