पाकिस्तान सरकार ने ली सरबजीत की जान: साथी कैदी

पिछले साल लाहौर जेल से रिहा हुए भानुदास कराले ने दावा किया है कि सरबजीत की मौत किसी अचानक हमले की वजह से नहीं हुई ब्लकि उसे पाकिस्तान सरकार के कहने पर मारा गया। उसने बताया कि सरबजीत को घर की बहुत याद आती थी। उनकी भारत लौटने की दिली तमन्ना थी। कराले ने बताया कि पाकिस्तान की जेल में सरबजीत सिंह पर हमले की खबर को सुनकर वो सकते में आ गए। उन्होंने बताया कि वो सरबजीत के साथ उसी जेल में था, लेकिन पाकिस्तानी प्रशासन ने उन्हें जासूस मानते हुए उन पर कई प्रकार की बंदिशें लगा रखी थीं। उसके साथ बुरा सलूक किया जाता था। उन्होंने कहा कि यह नियती नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान सरकार ने उनकी जान ली।
कराले को 28 अगस्त 2010 को पाकिस्तान में गलती से प्रवेश कर जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जिसे पिछले साल की छोड़ा गया था। सरबजीत के बारे में बताते हुए उसने कहा कि वह बेहद दयालु इंसान थे। वह न केवल भारतीय कैदियों के साथ, बल्कि पाकिस्तानी कैदियों के साथ भी बड़े अच्छे ढंग से पेश आते थे, लेकिन पाकिस्तानी कैदी हमारे लिए परेशानियां पैदा करते रहते थे। कराले के बयान से अब इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। अब सरकार इस पर कितना गौर करती है ये दोखने वाली बोत होगी।












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