शराब ने सरबजीत को दिया 22 सालों का दर्द, दर्दनाक मौत
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। एक छोटी सी गलती पूरी जिंदगी को कैसे तबाह कर सकती है ये अब सामने आ चुका है। एक छोटी सी गलती के चलते एक व्यक्ति ने 22 साल तक दर्द झेला और फिर कल उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पाकिस्तान की जेल में उसने जो यातनाएं झेली वो किसी बेकसूर को नहीं झेलना चाहिए था। उसने जो यातनाएं झेलीं वो नर्क में भी नहीं दी जाती। उस दर्द को बयां कर पाना मुश्किल है कि एक बाप पूरी जिंदगी अपनी बेटी को देख तक नहीं पाया। जी हां हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की जिसकी सांसों की डोर बीती रात लाहौर के जिन्ना अस्पताल में टूट गई।
आपको बता दें कि सरबजीत सिंह भारत के पंजाब प्रांत के तरनतारन जिले का रहने वाला था। सरबजीत की शादी सुखप्रीत कौर से हुई थी। परिजनों की मानें तो शादी के बाद सरबजीत को शराब की लत लग गई थी। सरबजीत के परिवार वालों का दावा है कि 29 अगस्त 1990 की शाम नशे की हालत में सरबजीत सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंच गया। बस उस दिन के बाद से वो कभी देश वापस नहीं लौटा और कल पाकिस्तान से आई तो उसके मौत की खबर। जिस समय की ये घटना है उस वक्त सरबजीत की बेटी स्वप्नदीप महज तीन साल की थी।

छोटी बेटी पूनम पेट में थी। पाकिस्तानी दस्तावेजों के मुताबिक 29 और 20 अगस्त को पाकिस्तानी सेना ने सरबजीत को गिरफ्तार कर लिया था और फिर एक लंबी कार्रवाई के बाद उसे पाकिस्तान की अदालत ने फांसी की सजा सुना दी थी। सरबजीत की मौत के बाद से पूरे देश में आक्रोश है। लोग सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सुषमा स्वराज ने गुरुवार को पाकिस्तान में हुए भारतीय कैदी सरबजीत की मौत को नृशंस हत्या बताया। सुषमा ने ट्विटर पर लिखा, यह नृशंस हत्या है। एक सभ्य देश इस तरह का व्यवहार नहीं करता।












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