पाक सरकार को टेंशन, कहीं किडनैप ना हो जाएं मुशर्रफ
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के अपहरण का अंदेशा जताया है। जियो न्यूज के अनुसार, पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने एक अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि मुशर्रफ को कहीं नहीं ले जाना चाहिए, क्योंकि उनके अपहरण का खतरा है। मुशर्रफ चार साल से अधिक समय स्वनिर्वासन में बिताने के बाद 23 मार्च को पाकिस्तान लौटे हैं। वह देश में 11 मई को होने वाले आम चुनाव में हिस्सा लेना चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान का निर्वाचन आयोग चार संसदीय क्षेत्रों से उनका नामांकन-पत्र खारिज कर चुका है।
मुशर्रफ को वर्ष 2007 में देश में आपातकाल लागू कर न्यायाधीशों को अवैध तरीके से बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह फिलहाल इस्लामाबाद स्थित अपने फार्महाउस में हैं, जिसे पहले ही उप-कारा घोषित किया जा चुका है। मुशर्रफ पर देश की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को वर्ष 2007 में निर्वासन के बाद देश लौटने पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया कराने भी आरोप है, जिसके कारण तालिबान आतंकवादी एक रैली के दौरान उनकी हत्या करने में कामयाब रहे।

इस मामले में रावलपिंडी की एक अदालत ने मंगलवार को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। मुशर्रफ को हालांकि इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में चाक शाहजाद स्थित उनके फार्महाउस में ही रखा जाएगा, जिसे पहले ही उप-कारागार घोषित किया जा चुका है। जियो न्यूज के अनुसार, मुशर्रफ को सुरक्षा कारणों से मंगलवार को अदालत में पेश नहीं किया गया। संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के वकील चौधरी जुल्फिकार ने कहा कि मुशर्रफ को लेकर उनकी जांच पूरी हो चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications