मुशर्रफ के साथ बर्ताव पर सैन्य अधिकारियों ने जताया ऐतराज

समाचार पत्र ने एक सूत्र से हवाले से कहा, सैन्य अधिकारियों का मत है कि संविधान के तहत सशस्त्र बलों की आलोचना नहीं की जा सकती। हुसैन ने कहा, हमें सैन्य बलों के पेशेवराना अंदाज पर फक्र है। संविधान, न्यायपालिका और सैन्य बल राष्ट्रीय संस्थाएं हैं, जो आलोचना की विषय नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि मुशर्रफ अपने चार वर्ष के आत्म निर्वासन के बाद 23 मार्च को दुबई से पाकिस्तान लौटे थे। उन्होंने 11 मई के आम चुनाव में प्रत्याशी बनने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि उनका चारों निर्वाचन क्षेत्रों से नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया था। आतंकवाद विरोधी अदालत ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में जांचकर्ताओं को मुशर्रफ को हिरासत में रखने की अनुमति दे दी थी।












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