भुट्टो हत्याकांड मामले जांचकर्ताओं के हिरासत में परवेज मुशर्रफ

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मुशर्रफ पर बेनजीर भुट्टो के निवार्सन से पाकिस्तान लौटने के बाद पर्याप्त सुरक्षा मुहैया न कराने का आरोप है। भुट्टो पाकिस्तान की दो बार प्रधानमंत्री रह चुकी थीं। उनकी हत्या एक आत्मघाती हमले मे 2007 में रावलपिंडी में कर दी गई थी। यह हत्या एक चुनावी सभा को संबोधित करने के कुछ देर बाद की गई थी।
मुशर्रफ की सरकार ने भुट्टो की हत्या के लिए पाकिस्तान तालिबान को जिम्मेदार ठहराया था। तालिबान ने हालांकि इसे खारिज किया था।भुट्टो की हत्या की जांच कर रही संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) मुशर्रफ को हिरासत में लेना चाहती थी। वह उनसे पूर्व प्रधानमंत्री पर हमले की धमकी के बावजूद सुरक्षा मुहैया कराने में सरकार की नाकामी की बाबत पूछताछ करना चाहती है।
मुशर्रफ के वकील अफशान ने एफआईए के फरियाद का विरोध किया। उन्होंने दलील दिया कि पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।आतंकवाद रोधी अदालत के न्यायाधीश चौधरी हबीब-उर-रहमान ने एफआईए के फरियाद को मंजूर कर मुशर्रफ को पांच दिनों की हिरासत में सौंप दिया।
न्यायालय ने मुशर्रफ को 30 अप्रैल को अदालत में हाजिर करने का भी आदेश दिया। मुशर्रफ से उनके फार्महाउस में पूछताछ की जाएगी। फार्महाउस की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है। इसे आधिकारिक रूप से उप-कारागार में तब्दील कर दिया गया है। तालिबान ने पिछले महीने एक वीडियो संदेश में मुशर्रफ पर हमले की धमकी दी थी। इसके मद्देनजर अधिकारियों ने मुशर्रफ को जेल में स्थानान्तरित न करने का अनुरोध किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications