परेवज मुशर्रफ के भागते ही लगे 'गीदड़ भागा, गीदड़ भागा' के नारे
इस्लामाबाद। ''देखो देखो कौन भागा... गीदड़ भागा... गीदड़ भागा...'' ये कोई गली मोहल्ले का नारा नहीं बल्कि उस वक्त का नारा है जब पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ, जमानत अवधि बढ़ाने से संबंधित याचिका खारिज होने के बाद अदालत परिसर से भाग गये। अदालत ने उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर दिखाई जा रही खबरों की मानें तो परवेज मुशर्रफ जैसे ही अदालत से भागे वहां मौजूद वकीलों ने नारेबाजी शुरु कर दी। वकील मुशर्रफ की तरफ इशारा करते हुए नारा लगा रहे थे कि ''देखो देखो कौन भागा... गीदड़ भागा... गीदड़ भागा...'' ।
हालांकि मुशर्रफ के वकील ने कहा कि वो अदालत से भागे नहीं वर्ना आराम से निकल कर अपने फॉर्म हाऊस चले गये। उल्लेखनीय है कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की जमानत अवधि बढ़ाने से संबंधित याचिका खारिज करते हुए उनकी गिरफ्तारी के आदेश दे दिए, जिसके बाद मुशर्रफ अदालत परिसर से भाग गए। जियो न्यूज के अनुसार, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को बंधक बनाने के मामले में मुशर्रफ की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की याचिका खारिज करते हुए उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए।

मुशर्रफ अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ जमानत अवधि में विस्तार का अनुरोध लेकर अदालत में उपस्थित हुए थे। अदालत का आदेश आते ही मुशर्रफ अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ वहां से निकल गए। मुशर्रफ की अदालत में पेशी को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इससे पहले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत अवधि 18 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी थी। समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, यह मामला अधिवक्ता चौधरी मोहम्मद असलम गुमान की 11 अगस्त, 2009 की शिकायत पर आधारित है। उन्होंने पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी सहित 60 न्यायाधीशों को हिरासत में लेने तथा तीन नवंबर, 2007 को देश में आपातकाल लागू करने के लिए मुशर्रफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग पुलिस से की थी।












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