बेनी ने तोड़ा युद्धविराम, मुलायम को बताया मुसलमानों का दुश्मन नंबर वन

मुलायम सिंह द्वारा लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ करने का जिक्र करते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने इसे सूबे की जनता को मुर्ख बनाने वाला बयान बताया। बेनी ने जवाहर लाल नेहरू व आडवाणी की तुलना करने पर भी अपनी नाराजगी जताई। वर्मा ने कहा कि नेहरू जी का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता कि उनकी तुलना आडवाणी से की जाये। आडवाणी अच्छे हैं या नरेन्द्र मोदी, इस बहस को बेकार बताते हुए बेनी प्रसाद ने कहा कि दोनों एक जैसे हैं। गुजरात दंगे व राम मंदिर आंदोलन का उन्माद एक जैसा था और फितरत भी एक सी। अयोध्या आंदोलन की कड़ियां सपा व भाजपा की मिलीभगत से जोड़ते हुए बेनी ने कहा मुलायम राज में कई ऐसे फैसले जानबूझकर लिए गए जिनसे मुस्लिमों का पक्ष कमजोर हो।
अपनी बात को साबित करने के लिये बेनी प्रसाद वर्मा ने राम जन्मभूमि नाम से पुलिस थाना स्थापित किए जाने का उदाहरण भी पेश किया। इस मौके पर बेनी ने घोषणा की कि लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार गिर जाएगी। आंतरिक खींचतान के चलते इसका खुद ही काम तमाम हो जाएगा। मालूम हो कि इससे पहले भी बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह पर निशाना साधा था और कहा था कि मुलायम सिंह के आतंकियों से संबंध हैं। इस बयान के बाद सिसायी बवाल खड़ा हो गया था। हालात यहां तक पहुंच गये थे कि सरकार गिरने तक की नौबत आ गई थी।












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