रायबरेली और अमेठी को मिलेगी चौबीस घंटे बिजली

इस पर उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन (यूपीसीएल) का कहना है कि प्रदेश में बिजली उत्पादन और पूर्ति के बीच एक बड़ा फर्क होने के कारण लोगों को इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ए. पी. मिश्रा का कहना है कि यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की पत्नी डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र में भी हो रहा है, हालांकि उन्होने सिर्फ रायबरेली और अमेठी को 24 घंटे बिजली दिये जाने के कारण पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में गर्मी के सीजन में 11, 500 मेगावाट बिजली की जरूरत होती है पर अलग-अलग स्रोतों से केवल 8000 मेगावाट बिजली ही मिल पाती है। अत: 3000 मेगावाट की कमी को समय-समय पर बाधित कर पूरा किया जाता है।












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