भुल्लर की फांसी पर कोर्ट के आदेश का सम्मान हो: भाजपा

भुल्लर को दिल्ली में युवक कांग्रेस के दफ्तर में वर्ष 1993 में बम विस्फोट के लिए दोषी ठहराते हुए वर्ष 2003 में मौत की सजा सुनाई गई थी। उसने यह कहते हुए अपनी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की अपील की थी कि उसकी दया याचिका पर राष्ट्रपति का निर्णय काफी देर से आया।
भुल्लर ने 14 जनवरी, 2003 को दया याचिका दायर की थी, जिसे राष्ट्रपति ने 25 मई, 2011 को खारिज कर दिया था। उसने वर्ष 2011 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उसकी याचिका खारिज कर दी। दिल्ली में युवक कांग्रेस के दफ्तर के बाहर वर्ष 1993 में हुए हमले का निशाना युवक कांग्रेस के तत्कालीन नेता एम. एस. बिट्टा थे। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे। (आईएएनएस)












Click it and Unblock the Notifications