जानिए क्यों कर रहे मुलायम भाजपा की तारीफ
लखनऊ (नवीन निगम)। मुलायम भाजपा के नेताओं की शान में कसीदे क्यों पढ़ रहे है, इस बात का सही जवाब मैं कई दिन से तलाश रहा था, मेरे एक मित्र है आयकर विभाग में, राजनीति में भी निपुण है, दोपहर में उनसे चर्चा हुई, चर्चा में एक बात साफ हो गई कि मुलायम सिंह प्रशानिक व्यवस्था की हर गोट को जानते है। यह तो हर कोई जानता है कि लोकसभा चुनाव अब लगभग इसी वर्ष होने तय है। मुलायम की चिंता सीबीआई है, सीबीआई के डायरेक्टर और मुलायम मामले की जांच कर रहे अफसर भी जानते है कि एक बार चुनाव घोषित हो गया तो सरकार उन्हें हटा नहीं सकती।
अपनी कुर्सी को बचाए रखने के लिए वह उन नेताओं या पार्टियों के संपर्क में रहने लगते है जो सत्ता में आने वाले होते है। अबतक तो आप समझ ही गए होंगे कि मुलायम सिंह को क्रांगेस की चिंता नहीं हैं। मुलायम की चिंता यह है कि यदि सीबीआई ने वही नियम अपनाया जिसके लिए वह जानी जाती हैं तो क्या होगा। यदि भाजपा के आला नेताओं (जो उप्र में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहते है) के कहने पर सीबीआई ने चुनाव की घोषणा होते ही मुलायम सिंह के केस को खोलकर जांच शुरू कर दी तो मुलायम कांग्रेस को बदनाम करेंगे, लेकिन यह जांच होगी तभी जब भाजपा के आला नेता चाहेंगे।

भाजपा को प्रसन्न करके मुलायम चाहते है कि सीबीआई के आला अधिकारी भाजपा के दबाब में जांच फिर न शुरू करें और भाजपा को भी लगे कि मुलायम प्रत्यक्ष रूप से न सही लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से हो सकता है भाजपा की सरकार बनवाने में मदद करें। मुलायम भाजपा को इस बात के लिए ही भरोसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं जिससे चुनाव के दौरान या उसके बाद उनके खिलाफ सीबीआई जांच न शुरू हो सके, लेकिन उनकी इस राह में राजनाथ सिंह एक बहुत बड़ा रोड़ा है क्योंकि राजनाथ, मुलायम सिंह के खिलाफ जांच शुरू करवाने के लिए जोर लगा सकते है और क्योंकि वह इस संमय भाजपा के अध्यक्ष है इसलिए सीबीआई पर अप्रत्यक्ष दबाव बना सकते है। इसी के तहत मुलायम आडवाणी की तारीफ तक रहे है कि वो प्रधानमंत्री की रेस में लौट आए और यदि यही रणनीति मुलायम ने तय की है तो यह भी तय मानिए कि मुलायम थोडे दिनों बाद आडवाणी को भाजपा में प्रधानमंत्री का सबसे योग्य उम्मीदवार बताने से भी नहीं चूकेंगे।












Click it and Unblock the Notifications