सीआईआई के सम्मेलन में राहुल गांधी ने बयां की गरीबी की दास्तां

राहुल ने आगे कहा, "उद्योगपतियों के कारण ही देश को प्रतिष्ठा मिली।" मैंने अपने साथियों के साथ गोरखपुर से मुंबई तक छत्तीस घंटे का सफर तय किया और लोगों से बात की। मेरे साथ एक कार्पेंटर जा रहा था, जो पहली बार मुंबई जा रहा था। एक मुस्लिम युवा भी साथ था। उसे पता नहीं था, कि मुंबई में क्या होगा। मैंने उससे पूछा कि अगर मुंबई में कुछ हासिल नहीं हुआ, तो क्या करोगे, तो बोला ट्रेन पकड़ कर वापस आ जाउंगा।
यही मानसिकता हमारे गरीब लोगों की है। सब अपने सपनों को लेकर आगे निकल पड़ते हैं, लेकिन कुछ पता नहीं होता। मैंने सोचा पता नहीं कितने लोग होंगे, जो मुंबई आ जाते होंगे और उन्हें कुछ हासिल नहीं होता होगा। सुबह 4 बजे जब मैं मुंबई पहुंचा, तो मैं गलियों में गया, वहां देखा छोटे-छोटे कमरों में छह-छह लोग रह रहे हैं। मैंने उनके साथ मुलाकात की। एक युवक से मिला, जिसके पास एक पैसा नहीं था। उसने मुझे चाय पीने के लिये इनवाइट किया और उसके बाद बोला पैसा मैं ही दूंगा।
हमारे देश में ऐसे करोड़ों लोग हैं, जो अपने पैरों पर खड़े होने के लिसे दर-दर भटकते हैं। गोरखपुर से लोकमान्य तक करोड़ों लोग बिना क्वालिफिकेशन भविष्य की तलाश में निकल पड़ते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण हमारी खराब शिक्षा व्यवस्था है। हमारी किताबों में अधिकांश भाग आज के परिवेश में प्रासंगिक नहीं है। लोग जो पढ़ते हैं, उनमें से अधिकांश हिस्से का कोई काम नहीं है।
क्या हमारे देश में आईआईटी-आईआईएम को छोड़ कर कोई व्यवस्थित विश्वविद्यालय है, जो ऐसी शिक्षा देती हो, जो सीधे रोजगार के रास्ते खोलती हों। लोग हारवर्ड की बात करते हैं, लेकिन क्या अपने विश्वविद्यालयों को सुधारने की बात करते हैं। हमें इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है। मैं ग्रामीण इलाकों में गया, जहां एक ही बात दिखी, शिक्षा और रोजगार का अभाव।
राहुल ने आगे कहा- उद्योग जगत ही है, जो लोगों को और देश को आगे लेकर जायेगा। मैं कहना चाहूंगा कि मैं इस समय क्या महसूस कर रहा हूं, सही शिक्षा ढांचे की कमी, क्वालिटी शिक्षा की कमी। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित मिडिल क्लास है। मैं एक गांव के लोगों से मिला, जिनका गांव नदी के कारण विकास से कटा हुआ था। मैंने पूछा तुम कैसे गुजारा करते हो, तो बोले गुजारे की बात तो बाद में आयेगी, जब नाव होगी। इस समय आधारभूत ढांचे की जरूरत है। बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना, रोजगार परक शिक्षा, देने की जरूरत है।
यूपीए सरकार ने इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए काम किया। लोगों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनकी कोई पहचान नहीं थी। हमने उन्हें पहचान दिलाने के लिये आधार कार्ड का अभियान चलाया। गांवों को विकास के पथ से जोड़ा। अब देश में नये बिजनेस मॉडल की जरूरत है। अपनी ओर से हम बेहतर सेवाएं और माहौल प्रदान कर सकते हैं, अब आपको पहल करनी होगी। मैंने गरीबों के साथ काफी समय बिताया है। मुझे लगता है कि भारत पार्टनरशिप के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। तीन घटक हैं, जिन्हें मिल कर काम करना होगा। अमीर, गरीब और मिडिल क्लास। सभी को पार्टनरशिप में काम करने की जरूरत है और यही मेरा आज का संदेश है।












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