एंटी रेप बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी

केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रपति ने 2 अप्रैल को इस विधेयक पर अपनी मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब ये बिल कानून का रुप लेगा। अब इसे आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम-2013 कहा जाएगा। यह विधेयक लोकसभा में 19 मार्च को तथा राज्यसभा में 21 मार्च को सर्वसम्मति से् पारित हुआ था।
महिलाओं के खिलाप अपराध को रोकने वाले इस एंटी रेप बिल में दुष्कर्म के लिए अधिक दंड, पीछा करने तथा घूरने को अपराध मानने तथा सहमति से यौन सम्बंध की उम्र को 18 वर्ष करने का प्रावधान है। इस विधेयक में गैंगरेप लिए न्यूनतम 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा देने का प्रावधान किया गया है, तथा पीछा करने, घूरने और यौन उत्पीड़न के लिए दंड निर्धारित किया गया है।
रंटी रेप बिल में जस्टिस. जे. एस वर्मा कमिटी की सिफारिशों को भी शामिल किया गया है। ये समिति पिछले साल 16 दिसम्बर में दिल्ली में चलती बस में एक पैरामेडिकल की छात्रा के साथ हुए जघन्य गैंगरेप के बाद महिला सम्बंधित कानूनों को कठोर करने के उद्देश्य से गठित की गई थी।












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