पोप ने मुस्लिम कैदियों के पैर धोये फिर चूमे

उन्होंने कैदियों के साथ भोजन ग्रहण किया और 12 किशोर कैदियों के पांव धुले। रोम के सैकड़ों निवासी उनके सुधार गृह पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, जहां लोगों ने 'लांग लाइव द पोप' के नारे लगाए। इससे पहले पोप आम तौर पर मध्य रोम के सेंट जॉन लातेरान के बैसिलिका में 'मास ऑफ द लास्ट सुपर' के लिए जाते थे।
पोप फ्रांसिस ने रोम के पादरी कार्डिनल अगॉस्टिनो कालिनी, सुधार गृह के पादरी गाएटेनो ग्रेको, वेटिकन के नंबर 3 एंगलो बेकियू तथा अपने निजी सचिव अल्फ्रेड शुआरेब के साथ प्रार्थनासभा में हिस्सा लिया। प्रभु यीशु की राह पर चलते हुए फ्रांसिस ने 12 किशोर कैदियों के पांव धुले, जिनमें से दो महिलाएं भी थीं। इनमें से एक मुस्लिम थी।
असल में मुस्लिम महिला के पैर धोना ही चर्चा का सबब बन गया। यही कारण है कि यह खबर दुनिया भर के टीवी चैनलों, समाचार पत्रों व वेबसाइटों पर प्रसारित हुई। वैसे पोप का यह कदम मुस्लिम और ईसाईयों की दूरियों को कम करने में सहायक साबित हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications