नीतीश इफेक्ट- बिहार को मिल सकता है विशेष राज्य का दर्जा!
नई दिल्ली। नीतीश कुमार, बिहार और यूपीए का बुखार। ये तीनों इस समय चर्चा में हैं। नीतीश के लगातार आ रहे बयान उनकी एनडीए से दूरियों को दर्शा रहे हैं। वो बार-बार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की बात कर रहे हैं। वहीं डीएमके द्वारा समर्थन वापसी के बाद से यूपीए को तेज़ बुखार हो गया है और 10 जनपथ उसकी दवा नीतीश के पास खोज रहा है।
जी हां केंद्र सरकार ने अब मन बना लिया है कि वो नीतीश को खुश करके ही रहेगी, लिहाजा जल्द ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की योजना बन चुकी है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सरकार जल्द ही यह निर्णय ले सकती है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अलवी भी बार-बार कहते फिर रहे हैं कि यूपीए ने बिहार के लिये ज्यादा किया है।

यदि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता है, तो निश्चित तौर पर 2014 के चुनाव में नीतीश कुमार को एनडीए छोड़ यूपीए का हाथ थामना होगा, क्योंकि दिल्ली के रामलीला मैदान में हुंकार रैली में हजारों लोगों के सामने उन्होंने कहा था, "जो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगा, हम उसी के साथ होंगे।" यानी उस दशा में जनता के सामने किया हुआ यह वादा अब नीतीश को पूरा करना ही पड़ेगा।
वैसे भी एनडीए में जिस प्रकार नरेंद्र मोदी को प्रोजेक्ट किया जा रहा है, उससे निश्चित तौर पर नीतीश की दूरियां बढ़ रही हैं, क्योंकि वो कहीं न कहीं मोदी से दूरी बनाये रखना चाहते हैं। नीतीश के पास फिलहाल 20 सांसद हैं और यदि लोकसभा चुनाव में यह संख्या बढ़ी, तो निश्चित तौर पर नीतीश और जदयू अध्यक्ष शरद यादव किंगमेकर का काम कर सकते हैं।












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