आडवाणी की तारिफ से मुलायम ने कांग्रेस पर साधे तीर

सपा भले ही राजनीतिक विवशताओं के चलते केन्द्र की सत्तारुढ़ गठबंधन सरकार को समर्थन दे रही हो लेकिन समय आने पर व्यक्तिगत मुद्दों पर भाजपा का सहयोग लेने से भी नहीं हिचकेंगे। बीजेपी के वरिष्ट नेता लाल कृष्ण आडवाणी की तारिफ में मुलायम के कसीदें पढ़ना एक साथ कई जगहों पर निशाना लगाने का ही संकेत है। मुलायम सिंह के इस बयान से एक ओर जहां आम चुनाव के बाद नए राजनीतिक समीकरणों की टोह ले रही है।
वहीं दूसरे ओर यह कांग्रेस को चेतावनी दे रही है कि आए दिन सीबीआई का डर दिखाकर उनके मुंह को बंद नहीं किया जा सकता है। मुलायम के इस बयान को नरेन्द्र मोदी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यदि 2014 का चुनाव बीजेपी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लडती है तो हिन्दु-मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण होगा और मुस्लिम मत कांग्रेस की ओर जा सकते हैं। इससे सपा का काफी नुकसान हो सकता है।
मुलायम के इस बयान से सपा ने कांग्रेस को कुछ बताने की कोशिश की है या फिर सपा की नजर आम चुनाव के बाद किसी नये समीकरण पर है। हालांकि आम चुनाव के बाद भाजपा को साथ लेकर किसी तरह के नये राजनीतिक समीकरण की संभावना नहीं दिखती। क्योंकि अगर सपा बीजेपी से हाथ मिलाती है तो मुसलमानों का वोट उनसे दूर हो जाएगा, जो सपा किसी भी हालत में नहीं चाहेगी। ऐसे में ये सब केवल कांग्रेस को चेतावनी देने के लिए हो सकता है। गौरतलब है कि डा राममनोहर लोहिया की 103वीं जयंती के मौके पर मुलायमन सिंह ने बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी की तारिफ करते हुए कहा था कि आडवाणी की बेबाक राय होती है। वह कभी झूठ नहीं बोलते। वहीं इससे पहले सपा के दूसरे कद्दावर नेता रामगोपाल यादव ने भी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को कांग्रेस की यूपीए सरकार से बेहतर बताया था।












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