भारत लौटेंगे हत्यारोपी इटालियन नौसैनिक

आखिरकार इटली सरकार को भारत के दबाव के आगे झुकना ही पड़ा। प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी की कड़े तेवर और इटली के राजदूत डैनियल मैन्सिनी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद आज हत्यारोपी दोनों सैनिक भारत आ रहे है। इटली पर दबाव बनाने में कामयाब यूपीए सरकार अपनी कूटनीति पर इतरा रही है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद इसे भारतीय दबाव का नतीजा मानते है!
खुर्शीद ने संवाददाताओं से कहा, "आपको कूटनीति को जल्द खारिज नहीं करना चाहिए। कहा जा सकता है कि जब सारी चीजें विफल हो जाती हैं तब भी कूटनीति काम करती है। कूटनीति को अपना काम करने का मौका दीजिये।"उन्होंने इस मामले में सफलता का श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिया।
खुर्शीद ने कहा, "यह सरकार जिस कूटनीति का अनुसरण कर रही है, उसका नेतृत्व प्रधानमंत्री व कांग्रेस अध्यक्ष ही कर रहे हैं। हमारे बीच से किसी के लिए भी इसका श्रेय लेना अनुचित होगा।"विदेश मंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को अगले सप्ताह वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार ताजा घटनाक्रम की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे पर संसद को भी भरोसे में लेने की बात कही।
इससे पहले केंद्र सरकार ने आरोपी इतालवी नौ सैनिकों के देश लौटने की घोषणा की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, "कूटनीतिक स्तर पर संपर्क किए जाने के बाद इटली ने बताया कि नौ सैनिक भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर लौट जाएंगे।"
इटली के राजदूत डेनियल मेंसिनी ने सर्वोच्च न्यायालय से वादा किया था कि देश के आम चुनाव में मतदान के बाद वे 22 मार्च तक भारत लौट आएंगे। लेकिन 11 मार्च को इटली ने अपने नौ सैनिकों को यहां भेजने से मना कर दिया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव पैदा हो गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने इटली के राजदूत के देश छोड़ने पर भी पाबंदी लगा दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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