डॉक्टरों की कमी से स्ट्रेचर पर उत्तर प्रदेश
लखनऊ। यह कहना गलत नहीं होगा कि समूचे उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था इस समय स्ट्रेचर पर है, क्योंकि डॉक्टरों की संख्या यहां जरूरत से ज्यादा कम है। यह बात खुद यूपी के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन स्वीकार करते हैं।
अहमद हसन ने विधानसभा में स्वीकार कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में डाक्टरों की कमी है। सपा सरकार इन सेवाओं को सुधारने में सारी कोशिश कर रही है लेकिन डाक्टरों की कमी सेबसे बड़ी दिक्कत सामने आ रही है। उन्होंने सदन में घोषणा करते हुए कहा कि सरकार जल्द 5 हजार डाक्टरों को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में लेगी। इसके लिए सरकार ने लोक सेवा आयोग को पत्र लिखा है कि आयोग जल्द से जल्द भर्ती करके डाक्टरों की कमी को पूरा करे। उन्होंने कहा कि सरकार अरबी-फारसी मदरसों और संस्कृति स्कूलों के बच्चों का निरूशुल्क इलाज किया जाएगा। साथ ही 13 जिलों में नए ट्रामा सेन्टर खोले जाएंगे। 250 मोबाइल अस्पताल वैन भी चलाई जाएगी।

विधानसभा में आज चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का बजट रखते हुए अहमद हसन ने कहा कि प्रदेश में 16 हजार 28 पद प्रदेश में स्वीकृत है जिसमें से 10 हजार 740 डाक्टर काम कर रहे है और 5 हजार 550 सौ पद अभी भी खाली है। यह सरकार और स्वास्थ्य विभाग के सामने एक चुनौती है। अभी हाल ही में लोक सेवा आयोग के जरिए 700 डाक्टरों ने अपनी ज्वाईनिंग दी है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि इस सरकार में बिना पैसे लिए हुए डाक्टरों को अपना गृह जनपद छोडकर अन्य किसी भी जिले में तैनाती दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही प्रदेश में स्टाफ एवं नर्सो की भी कमी है। सरकार चाहती है कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जो कमियां है उसको खत्म किया जाए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि बसपा शासनकाल में स्वास्थ्य महकमा लूट-खसोट और भ्रष्टाचार के लिए जाना जाता था। उसी विभाग में अब ईमानदारी से काम किया जा रहा है। जनता का पैसा जनता पर खर्च किया जा रहा है।
अपनी सेवाओं से जनता का विश्वास जीतेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग को अच्छे से ज्यादा ईमानदर डाक्टर चाहिए। उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर जितनी भी सीएचसी और पीएचसी है उन सब पर एक्स-रे और अल्ट्रासाउण्ड मशीने लगा दी जाएंगी। अहमद हसन ने कहा कि पिछली बसपा सरकार में एनएचआरएम घोटाले में 62 डाक्टर है जिनके के अभियोजन की स्वीकृति मिल चुकी है और 50 डाक्टर जेल में है। कुछ डाक्टरों पर सीबीआई ने मुकदमा कायम किया है लेकिन अभी गिर तारी नहीं हो सकी है।
उन्होंने बसपा सरकार में एनएचआरएम के तहत ए बूलेंस खरीदी नहीं गई और उसके बदले मोटरसाईकिल के नंबर दिखाकर करोड़ों रूपए का भुगतान कर लिया गया। दवा क्रय करने में गुंडों और माफियाओं ने टेण्डर पर कब्जा कर रखा था। उन्होंने कहा कि सपा सरकार को बेईमानों के खिलाफ कुछ भी करना होगा तो वह सरकार करेगी। गलत काम करने पर डाक्टरों को निलम्बित किया जाएगा। पिछले पांच सालों में पीएचसी और सीएचसी की एक भी इमारत नहीं खड़ी की गई। जो भी धन खर्च हुआ वह सिर्फ पत्थर और स्मारकों में खर्च किया गया। उन्होंने घोषणा की कि अगले एक साल में पीएचसी और सीएचसी के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उसी समय डाक्टर और आवश्यक स्टाफ की भी व्यवस्था कर दी जाएगी।












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