क्या गुमनामी बाबा ही थे सुभाष चंद्र बोस?
लखनऊ। आजाद हिन्द फौज के संस्थापक व आजादी की लड़ाई लडने वाले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 'गुमनामी बाबा' के रूप में पहचान व उनकी मौत के बारे में फैले भ्रम को दूर करने के लिए यूपी सरकार जल्द ही सकरात्मक कदम उठाने वाली है। सरकार इस सवाल का हल खोजेगी कि क्या गुमनामी बाबा ही सुभाष चंद्र बोस थे।
सरकार की तरफ से राजस्व मंत्री अम्बिका चौधरी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि उनके योगदान का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता है। उन्होने कांग्रेंस पर परोक्ष आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग गठन के अलावा यह भी सोचना होगा कि आखिर इतने सालों में उनके बारे में फैले भ्रम को किन लोगों के इशारे पर दूर नहीं किया गया। उनके जीते जी पहचान हो जाने पर कई लोगों की कलई खुलने का डर था।
इस मामले पर कांग्रेस सदस्यों ने हाईकोर्ट का हवाला दिया तो राजस्व मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट क्या कर सकता है। उसके बाद उन्होंने इसी वाक्य को तीन बार कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही में कोर्ट दखल नहीं दे सकता।
कांग्रेस के रायबरेली सदर के विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 'गुमनामी बाबा' के रूप में पहचान व उनकी मौत के बारे में फैले भ्रम को दूर करने के लिए हाईकोर्ट के निर्देश का पालन करने की प्रदेश सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने इसका पता लगाने के लिए तीन माह के भीतर आयोग गठित करने का निर्देश दिया है, जबकि डेढ़ माह बीत चुके हैं।
अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि 'गुमनामी बाबा' से मिलने उनके भाई सुरेश चन्द्र बोस, उनकी भतीजी ललिता बोस, गुरू गोलवलकर, आदि जाते थे। उन्होंने बताया कि ताइवान ने स्पष्ट किया कि 1945 में कोई एयर क्रैश उनके देश में नहीं हुआ था, तो नेताजी की उसमें मौत कैसे हो सकती है। उन्होंने बताया कि गुरू गोलवलकर का एक पत्र 'गुमनामी बाबा' के पास से मिला था जिसमें उनसे असली रूप में लौट आने का अनुरोध किया गया था।
कांग्रेस विधायक अनुग्रह नारायण ने भी नेताजी के योगदान का बखान करते हुए देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने की बात कही। कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा कि उन्होंने देश के लिए सब कुछ अर्पित कर दिया। उन्होंने देश ही नहीं वरन् विश्व के भी पथ प्रदर्शक का कार्य किया। उनके बारे में सही बात आज के लोगों को बताना हमारा फर्ज है।
नेता विरोधी दल व बसपा विधायक दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश की आजादी के लिए गांधी जी के बाद सीधे सुभाष चन्द्र बोस का ही नाम आता है। हाईकोर्ट ने उनके बारे में फैले भ्रम को दूर करने के लिए आयोग गठित करने का निर्देश दिया है, उसका अनुपालन प्रदेश सरकार को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताजी की मौत का पता न लगा पाना उनकी उपेक्षा करने के समान है। भाजपा विधानमण्डल दल के नेता हुकुम सिंह ने आयोग गठन की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय प्रकरण है, इसके लिए आयोग का गठन करने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नेताजी के योगदान को अत्यन्त महत्वपूर्ण बताया।













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