पढ़ें- नये पोप जार्ज मारियो की खासियतें
वेटिकन सिटी। बुधवार की रात वेटिकन में चुने गए नए पोप फ्रांसिस प्रथम के नाम की घोषणा के बाद अमेरिकी कैथोलिक समुदाय के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नए पोप बीते समय के बुरे अनुभवों को खत्म करने और चर्च के पारंपरिक मूल्यों एवं आधुनिक अमेरिकी जीवनशैली के बीच सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में सहायक होंगे। न्यूयार्क के आर्चबिशप कार्डिनल तिमोथि डोलन ने अपने बयान में कहा, कैथोलिक चर्च के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक क्षण है। नए पोप इस बात के प्रतीक हैं कि देश और सीमा के अन्तर के बावजूद कैथोलिक समुदाय में एकता है। नया पोप चुन लिए जाने के बाद पूर्व कार्डिनल जार्ज मारियो बर्गोगलियो को दुनिया मे अब फ्रांसिस प्रथम के नाम से जाना जाएगा।
तो चलिए फिर इस नये पोप के कुछ खासियतों और उनके जीवन काल के बारे में चर्चा कर लेते हैं। पोप फ्रांसिस का जन्म अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स मे साल 1936 में एक मध्यमवर्गीय परिवार मे हुआ था और वह पहले ऐसे पोप हैं जिनका संबंध लातिन अमेरिकी क्षेत्र से है। पोप फ्रांसिस के पिता रेलवे कर्मचारी थे और उनकी माता गृहणी थीं।

नए पोप भले ही 76 साल के हैं, लेकिन इस वजह से उन्हें कम नहीं आंकना चाहिए। द कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका' के इंस्टिट्यूट ऑफ पॉलिसी रिसर्च एंड कैथोलिक स्टडीज विभाग के अध्यक्ष स्टीफन शेच्नेक ने कहा, नए पोप ईसाई समुदाय के आपसी मतभेदों को कम कर सकते हैं, लेकिन संवेदनशील मुद्दो में अचानक बड़ा बदलाव लाने की उम्मीद नहीं की जा सकती।












Click it and Unblock the Notifications