चिदंबरम के आम बजट में 'ओ वुमनिया आ आ वुमनिया'
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। आम बजट 2013, इस बजट में हर कोई उम्मीद कर रहा था कि इस बार युवाओं और महिलाओं पर खासा ध्यान दिया जायेगा और ऐसा ही हुआ भी। लोकसभा में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जब अपना पिटारा खोला तो मानो फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर का गाना ...ओ वुमनिया आ आ वुमनिया बज उठा हो। जी हां पी चिदंबरम ने महिलाओं के लिये भारी भरकम बजट तय कर लोकसभा में पहुंचे थे।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सुरक्षा करने के लिये इस बार अलग से करीब 1 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया। चिदंबरम ने भाषण के दौरान महिलाओं के लिये दिल खोल कर फंड और सुविधाओं की बात की। तो चलिये आम बजट में उन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा कर लेते हैं जिससे जानने के बाद आप भी यही कहेंगे ...ओ वुमनिया आ आ वुमनिया।
महिलाओं के लिये खुलेगा अलग बैंक
केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने लोकसभा में आम बजट पेश करते हुए कहा कि देश में जल्द ही पूरी तरह महिलाओं को समर्पित सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक खोला जाएगा। चिदम्बरम ने बजट को पेश करने के दौरान कहा, मैं देश में महिलाओं को समर्पित सार्वजनिक क्षेत्र का पहला बैंक 1,000 करोड़ रुपये के शुरुआती कोष से स्थापित करने की घोषणा करता हूं। सांसदों ने केंद्रीय वित्त मंत्री की इस घोषणा का स्वागत किया। मजेदार बात तो यह थी कि वित्त मंत्री पी चिदंबरम जब इस योजना का ऐलान कर रहे थे तो संसद में मौजूद कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज मंद-मंद मुस्करा रहीं थी। मालूम हो कि अक्टूबर माह तक इस बैंक को रूप दे दिया जायेगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिये 1000 करोड़ का 'निर्भया फंड'
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अपने बजट भाषण में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा का वचन देता हूं। महिलाओं की सुरक्षा पर खासा ध्यान देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मैं तीन मुख्य चेहरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहूंगा।पहला- महिला का (खिलाड़ी, बालिका, मां, बहन सभी इसमें आती हैं), दूसरा- युवा (हमारी आकाक्षाओं का चेहरा) और तीसरा- गरीब का चेहरा (जो सरकार की ओर देखता है मदद के लिये)। चिदंबरम ने कहा कि मैं इन तीनों के लिये वचन देता हूं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षा के कार्य के लिये या सेवाएं प्रदान करने के लिये जब घर से बाहर महिलाएं निकल रही हैं, तो उन पर हमला हो रहा है। हम उनके साथ खड़े हैं। कई ऐसे कदम उठा रहे हैं, कई उठाये जायेंगे। कई एनजीओ इसमें शामिल हैं। उन्हें समर्थन देना हमारा कर्तव्य है। इसके बाद उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक खास फंड बनाने का ऐलान किया। 'निर्भया फंड' के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने इस फंड से गैर-सरकारी संस्थानों में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर भी खर्च किया जाएगा। मालूम हो कि निर्भया उस लडकी का काल्पनिक नाम है जिसका दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप किया गया था और बाद में उसकी जान चली गई थी।
महिला हितों पर विशेष ध्यान
अपना 8वां और यूपीए 2 का अंतिम बजट पेश कर रहे पी चिदंबरम ने अपने भाषण की शुरुआत में ही कह दिया कि अब हर तबके पर ध्यान देना जरुरी है। अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग और अल्पसंख्यक लोग पीछे छूटे हुए हैं। चिदंबरम ने कहा कि हम हर वर्ग की महिलाओं का विकास चाहते हैं। इतना कहने के बाद चिदंबरम में ऐलान किया कि इस बार के बजट में महिला विकास और कल्याण के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा महिलाओं के लिए अलग से 97 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। यह पैसा कई योजनाओं के माध्यम से खर्च किया जाएगा।
विदेश जाकर जमकर सोना खरीदें महिलाएं
इस प्रस्ताव का ऐलान करने से पहले चिदंबरम ने महिलाओं के पक्ष में कई ऐसे ऐलान किये थे जो बेहद जरुरी और खास था। मगर चिदंबरम ने जब यह ऐलान किया तो मानों महिलाओं को सबसे बड़ा तोहफा दे दिया हो। चिदंबरम ने कहा कि अगर महिलाएं विदेश से आते वक्त अपने साथ सोना लाती हैं, तो वह ड्यूटी फ्री होगा। यानी अब विदेश जाकर जमकर गहनों की खरीददारी की जा सकती है। इस ऐलान के बाद लोकसभा में मौजूद महिला सदस्यों के चहरे पर मुस्कान नजर आई। कुछ महिला सदस्य तो डेस्क पर हाथ से ताली तक बजा दिया।













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